गुजरात के मोरबी में केबल पुल हादसे पर सियासत चरम पर है। पीएम नरेंद्र मोदी दोपहर बाद मोरबी पहुंचेंगे। दुर्घटनास्थल के दौरे के साथ वो पीड़ित परिवार वालों से भी मुलाकात करेंगे। पीएम के दौरे से पहले मोरबी के सरकारी अस्पताल का रंग रौगन किया जा रहा है जिसे लेकर आप और कांग्रेस ने चुनावी मिजाज को भांपते हुए निशाना साधा है। इस बीच जब यह जानकारी मिली की पुल के रखरखाव की जिम्मेदारी किसी घड़ी बनाने वाली कंपनी को दी गई थी तो उसके बाद से आम आदमी पार्टी की तरफ से कई तरह के आरोप लगाए गए हैं। आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने ट्वीट के जरिए सिलसिलेवार हमला किया।
मोरबी केबल पुल हादसे पर सियासत
मोरबी पुल क्यों टूटा?1. घड़ी बनाने वाली कंपनी को दिया मोरबी पुल ठेका। क्यों?2. इस कंपनी ने कभी पुल नहीं बनाया।… t.co/JXqWP2CV8M
— ANI (@ANI) Oct 31, 2022
मोरबी पुल क्यों टूटा, आप के इतने सवाल
घड़ी बनाने वाली कंपनी को दिया मोरबी पुल ठेका। क्यों? इस कंपनी ने कभी पुल नहीं बनाया। बिना टेंडर इस कंपनी को ठेका दिया गया। क्यों? किसने कितने पैसे खाये? 8 के बजाय 5 महीने में पुल चालू क्यों? इस कंपनी ने बीजेपी को काफ़ी चंदा भी दिया है। आम आदमी पार्टी का कहना है कि यही तो गुजरात मॉडल है। यही गुजरात में बीजेपी की विकास की परिभाषा है। दूसरी पार्टी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाते हैं। लेकिन जिस तरह से घड़ी बनाने वाली कंपनी को पुल के रखरखाव का ठेका दिया गया वो कई तरह के सवालों को जन्म देता है। पीएम नरेंद्र मोदी को जवाब देना चाहिए कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार हैं।
