पंजाब-हरियाणा करे केंद्र को सहयोग, मिलकर निकालें सामाधान: सतलुज-यमुना लिंक नहर विवाद पर बोला सुप्रीम कोर्ट

एसवाईएल नहर की परिकल्पना रावी और ब्यास नदियों से पानी के प्रभावी आवंटन के लिए की गई थी। इस परियोजना में 214 किलोमीटर लंबी नहर बनाने की परिकल्पना की गई थी, जिसमें से 122 किलोमीटर नहर पंजाब में और 92 किलोमीटर हरियाणा में बनायी जानी थी। हरियाणा ने अपने क्षेत्र में यह परियोजना पूरी कर ली है, लेकिन पंजाब ने 1982 में निर्माण कार्य शुरू किया था लेकिन बाद में इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया।

सतलुज-यमुना लिंक नहर विवाद पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दोनों ही राज्यों से मिलजुलकर इसका सामाधान निकालने के लिए कहा। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि दोनों ही राज्य इसके सामाधान के लिए केंद्र सरकार को सहयोग करें। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर समाधान नहीं निकला तो पीठ इस मामले पर 13 अगस्त को सुनवाई करेगी।

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