Manpreet Badal: पंजाब के पूर्व वित्त मंत्री और भाजपा नेता मनप्रीत बादल अब कभी भी गिरफ्तार हो सकते हैं। मनप्रीत बादल के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी हो चुका है। मनप्रीत बादल पर करप्शन के आरोप लगे हैं।
पंजाब के पूर्व वित्त मंत्री पर लगे हैं घोटालों के आरोप
कोर्ट ने जारी किया अरेस्ट वारंट
बठिंडा में एक संपत्ति की खरीद में कथित अनियमितताओं के मामले में पंजाब की एक अदालत ने मंगलवार को पंजाब के पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। अदालत का आदेश पंजाब सतर्कता ब्यूरो द्वारा मनप्रीत सिंह बादल के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी करने के बाद आया।
भाजपा नेता ने ही की थी शिकायत
मनप्रीत सिंह बादल जनवरी में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे। भाजपा नेता सरूप चंद सिंगला, जो पहले शिरोमणि अकाली दल में थे, ने आरोप लगाया था कि पिछली कांग्रेस सरकार में मंत्री के रूप में मनप्रीत बादल ने दो वाणिज्यिक भूखंडों को अपने लिए आवासीय भूखंड में बदलने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया था।
फरार हैं मनप्रीत बादल
सोमवार को पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मामले के संबंध में मनप्रीत सिंह बादल और पांच अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। बादल के अलावा बठिंडा विकास प्राधिकरण (बीडीए) के पूर्व मुख्य प्रशासक बिक्रमजीत शेरगिल, राजीव कुमार, अमनदीप सिंह, विकास अरोड़ा और पंकज के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस संबंध में भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 468 (जालसाजी) सहित संबंधित धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। राजीव कुमार, अमनदीप सिंह और विकास अरोड़ा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने बादल का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान शुरू किया। अधिकारियों ने उनके आवास और अन्य ज्ञात स्थानों पर छापे मारे, लेकिन उनका वर्तमान ठिकाना पता नहीं चला है।
क्या है पूरा मामला
सतर्कता ब्यूरो के अनुसार जांच के दौरान यह पाया गया कि बादल ने मॉडल टाउन चरण-1 बठिंडा में 1,560 वर्ग गज के दो भूखंड खरीदने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया, जिससे राज्य के खजाने को लाखों रुपये की वित्तीय हानि हुई। जांच में पता चला कि बादल ने कथित तौर पर बीडीए अधिकारियों के साथ मिलीभगत की और वर्ष 2021 में भूखंडों की बोली के दौरान आम जनता को गुमराह किया। सतर्कता ब्यूरो ने कहा कि बोली प्रक्रिया में जनता की भागीदारी को रोकने के लिए नकली नक्शे अपलोड किए गए थे।
