Pune Toxic Liquor Tragedy: पिंपरी चिंचवड और पुणे शहर में संदिग्ध नकली शराब पीने से हुई मौत मामले में गु्रुवार को बड़ी कार्रवाई हुई। स्थानीय प्रशासन ने मुख्य आरोपी गुरुमंगल सिंह विर्क के अवैध घर को गिराना शुरू किया। आरोपी का फुगेवाड़ी स्थित आवास का निर्माण कथित रूप से बिना नगर निगम की मंजूरी के हुआ था। जांच में अधिकारियों ने रिकॉर्ड में पाया कि निर्माण की आधिकारिक रूप से कोई मंजूरी नहीं ली गई। जहरीली शराब पाने से अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि चार लोग अभी भी अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती हैं।
मुख्य आरोपी के अवैध आवास पर चला प्रशासन का हथौड़ा।
किसी वैध अनुमति के बिना बनाया गया था बंगला
PCMC के अधिकारी अन्ना बोडाडे के अनुसार, फुगेवाड़ी स्थित यह बंगला वर्ष 2002 के बाद बिना किसी वैध अनुमति के बनाया गया था। इस संपत्ति का नगर निगम में कोई आधिकारिक पंजीकरण नहीं था और निर्माण से पहले आवश्यक मंजूरी भी नहीं ली गई थी। पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में जहरीली शराब कांड में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि चार अन्य पीड़ित अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। नगर निगम अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई एक कड़ा संदेश है कि अवैध गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
5,929 किलोग्राम जहरीला मेथनॉल जब्त
इससे पहले महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने ठाणे जिले के एक गोदाम से 5,929 किलोग्राम जहरीला मेथनॉल जब्त किया। कथित तौर पर इस रसायन की उन शराब तस्करों को आपूर्ति की गई थी, जो पुणे और पिंपरी-चिंचवड में लोगों की जान लेने वाली जहरीली शराब बनाने में शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि एफडीए की एक टीम ने शुक्रवार को भिवंडी स्थित रेक्स इंटरनेशनल के परिसर पर छापा मारा और उसे सील कर दिया। कंपनी विष अधिनियम के तहत जरूरी बही-खाते की प्रविष्टियां या अनिवार्य सत्यापन संबंधी जानकारी पेश करने में विफल रही।
औद्योगिक मेथनॉल मिलाया गया
जांच के दौरान पुलिस ने इस मामले में करनैलसिंह तख्तसिंह विर्का (73), गुरमंगतसिंह करनैलसिंह विर्का (45), योगेश रामचंद्र वानखेड़े (23), राधेश्याम हरिराम प्रजापति (35), इंदरजीत कौर करनालसिंह विर्का (60) और कल्पेश अग्रवाल (29) को गिरफ्तार किया। एफडीए द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, मात्र 30 रुपये में बेची जा रही घातक देसी शराब में रेक्स इंटरनेशनल से लाया गया औद्योगिक मेथनॉल मिलाया गया था। जांच में यह खुलासा हुआ कि करनाल सिंह विर्का ने शराब वानखेड़े से प्राप्त की थी, जिसने बदले में यह घातक पदार्थ उरुली कांचन के प्रजापति से हासिल किया था।
विज्ञप्ति के अनुसार, पुलिस को पता चला कि मेथनॉल घटक का सीधा संबंध रेक्स इंटरनेशनल के भंडार से है। कंपनी का कॉरपोरेट कार्यालय नवी मुंबई के वाशी में है और उसका गोदाम भिवंडी में स्थित है।
