Padma Awards 2026: नई दिल्ली में सोमवार को राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में देश के प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों का पहला नागरिक सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Draupadi Murmu) 66 चयनित लोगों को पद्म पुरस्कार प्रदान करेंगी। यह कार्यक्रम देश के उन लोगों को सम्मानित करने के लिए होता है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में असाधारण योगदान दिया है।
राष्ट्रपति मुर्मू करेंगी 66 पद्म पुरस्कारों का वितरण (फाइल फोटो)
कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री तक रहेंगे मौजूद
इस विशेष समारोह में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में दो पद्म विभूषण, छह पद्म भूषण और 58 पद्म श्री पुरस्कार दिए जाएंगे। ये सभी पुरस्कार देश के अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को प्रदान किए जा रहे हैं। साल 2026 के लिए कुल 131 पद्म पुरस्कारों को राष्ट्रपति द्वारा पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है। इनमें पांच पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं। सोमवार को इनमें से 66 पुरस्कारों का वितरण किया जाएगा, जबकि बाकी पुरस्कारों का वितरण अगले चरण में किया जाएगा।
इन क्षेत्रों के लोगों को मिलता है पद्म पुरस्कार
पद्म पुरस्कार देश के सबसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों (nagrik samman) में से एक हैं। इन्हें कला, साहित्य, विज्ञान, शिक्षा, खेल, सामाजिक कार्य, चिकित्सा, व्यापार और उद्योग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में दिया जाता है। पद्म विभूषण सबसे उच्च श्रेणी का सम्मान होता है, जो असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है। पद्म भूषण उत्कृष्ट सेवा के लिए और पद्म श्री किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जाता है। इस वर्ष के पद्म पुरस्कारों में कई ऐसे लोगों को भी शामिल किया गया है जिन्हें 'अनसुने नायक' कहा जाता है।
लगभग 45 ऐसे व्यक्तियों को सम्मानित किया जा रहा है जिन्होंने कठिन परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद समाज के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। इनमें दूरदराज इलाकों, आदिवासी समुदायों और वंचित वर्गों से आने वाले लोग शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य है कि ऐसे लोगों को सम्मान दिया जाए जिन्होंने अपने जीवन को समाज सेवा के लिए समर्पित कर दिया है, चाहे वे शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, स्वच्छता या अन्य सामाजिक क्षेत्रों में कार्य कर रहे हों। यह समारोह देश की उन असाधारण उपलब्धियों को सम्मानित करने का प्रतीक है, जो आम नागरिकों द्वारा समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए की गई हैं।
