'लोक परीक्षा संशोधन अधिनियम 2026' बना कानून, राष्ट्रपति की लगी मुहर; प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली पर कसेगा शिकंजा

Public Examinations Act 2026: प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली पर लगाम कसने की तैयारी हो चुकी है। 'लोक परीक्षा संशोधन अधिनियम, 2026' को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है। जानिए कड़े प्रावधानों और नए कानून की बड़ी बातें।

'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन अधिनियम, 2026' को भारत के राष्ट्रपति की औपचारिक मंजूरी मिल गई है। राष्ट्रपति की सहमति मिलते ही यह संशोधन विधेयक अब कानून के रूप में पूरे देश में लागू हो गया है। संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद इसे अंतिम स्वीकृति के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा गया था। यह कानून पूर्व में लागू 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम' का स्थान लेगा और इसमें कई कड़े सुधार शामिल किए गए हैं।

Public Examinations Amendment Act 2026

पेपर लीक कानून को राष्ट्रपति से मिली मंजूरी (फाइल)

संगठित गिरोहों और कोचिंग संस्थानों पर नकेल

इस नए संशोधित अधिनियम के तहत सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली धांधली, नकल, तकनीकी सेंधमारी और पेपर लीक जैसी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाने का लक्ष्य रखा गया है। गड़बड़ी करने वाले संगठित गिरोहों, कोचिंग संस्थानों और परीक्षाओं का आयोजन कराने वाली सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों के लिए कठोर कारावास और भारी आर्थिक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

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