Bankipur By Election: बांकीपुर विधानसभा उप चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो चली है। सोमवार को जन सुराज पार्टी ने ऐलान किया कि उनकी पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर बांकीपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। । घोषणा के मुताबिक, प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) 11 जुलाई को बांकीपुर विधानसभा सीट के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। वहीं, बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव से पहले जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। एक विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि यह चुनाव सिर्फ एक विधानसभा सीट का नहीं, बल्कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व की परीक्षा है।
प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव लड़ने को लेकर दी प्रतिक्रिया। AI IMAGE
'आसान नहीं, सबसे कठिन सीट चुनी'
प्रशांत किशोर ने कहा कि आमतौर पर नेता अपने चुनावी सफर की शुरुआत किसी सुरक्षित सीट से करते हैं, लेकिन उन्होंने जानबूझकर बांकीपुर जैसी चुनौतीपूर्ण सीट चुनी है। उनका कहना था कि यहां से पूरे बिहार में एक राजनीतिक संदेश जाएगा।
'सम्राट चौधरी के लिए रेफरेंडम है यह चुनाव'
उन्होंने कहा, "यह चुनाव सम्राट चौधरी के लिए रेफरेंडम है। पिछले विधानसभा चुनाव में वे भाजपा का चेहरा नहीं थे, उन्हें बाद में नेतृत्व में लाया गया। अब जनता के पास यह बताने का मौका है कि वे सम्राट चौधरी के चाल, चरित्र और नेतृत्व के साथ हैं या नहीं।" प्रशांत किशोर ने दावा किया कि यदि भाजपा इस उपचुनाव में हारती है तो सम्राट चौधरी का नेता के तौर पर बने रहना मुश्किल हो जाएगा।
जन सुराज प्रमुख ने भाजपा पर अहंकार का आरोप लगाते हुए कहा, "भाजपा को लगता है कि बांकीपुर से वह किसी को भी टिकट दे दे, उसकी जीत तय है। यह चुनाव भाजपा के इसी अहंकार को चुनौती देने का अवसर है।" उन्होंने सम्राट चौधरी पर भी व्यक्तिगत आरोप लगाए और कहा कि उनके नेतृत्व में बिहार का भला नहीं हो सकता।
'मेरी साख भी दांव पर है'
प्रशांत किशोर ने स्वीकार किया कि इस चुनाव में उनकी व्यक्तिगत विश्वसनीयता भी दांव पर लगी है। उन्होंने कहा, "लोग मुझ पर हंसते भी हैं, लेकिन मैंने खुद को इस लड़ाई के लिए पूरी तरह समर्पित कर दिया है। मैं सिर्फ विधायक बनने के लिए चुनाव नहीं लड़ रहा, बल्कि बिहार की व्यवस्था बदलने के उद्देश्य से मैदान में उतरा हूं।" प्रशांत किशोर ने दावा किया कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कई समर्थकों और कार्यकर्ताओं का रुझान अब उनके पक्ष में है। उनके मुताबिक, तेजस्वी यादव के समर्थकों का एक वर्ग भी बदलाव चाहता है और जन सुराज के साथ आने का मन बना चुका है।
