Bengal Minor Rape-Murder Case: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 11 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या की कथित घटना के विरोध में कोलकाता में कालीघाट स्थित अपने आवास से सोमवार को एक रैली निकाली। हाथ में मोमबत्ती थामे ममता ने विरोध रैली का नेतृत्व किया, जिसमें पार्टी सांसद डोला सेन, प्रतिमा मंडल और डेरेक ओब्रायन के अलावा तृणमूल कांग्रेस के ममता गुट के कई समर्थकों ने हिस्सा लिया। रैली के दौरान ममता हरीश चटर्जी मार्ग से गुजरीं, जहां उनका आवास स्थित है।
रैली में शामिल प्रदर्शनकारियों ने हाथ में तख्तियां थाम रखी थीं, जिन पर पीड़िता और उसके परिवार के लिए न्याय की मांग को लेकर नारे लिखे हुए थे। प्रदर्शनकारी कालीघाट रोड का चक्कर लगाते हुए ममता के आवास के सामने पहुंचे, जहां रैली समाप्त हुई। वहीं, इस मामले पर राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने घटना पर गंभीर चिंता जताते हुए पश्चिम बंगाल पुलिस के महानिदेशक (DGP) से सात दिनों के भीतर विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) मांगी है।
NCW ने मांगी जांच की पूरी जानकारी
राष्ट्रीय महिला आयोग ने कहा कि उसे मीडिया रिपोर्टों के जरिए इस घटना की जानकारी मिली है। आयोग ने डीजीपी से पूछा है कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई या नहीं, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की क्या स्थिति है और मामले की जांच कितनी आगे बढ़ी है। आयोग ने यह भी कहा कि महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराधों के प्रति उसकी 'जीरो टॉलरेंस' नीति है और दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष, त्वरित और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
मॉब हिंसा की भी होगी जांच
NCW ने घटना के बाद हुई हिंसा और मॉब लिंचिंग पर भी रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने पुलिस से पूछा है कि भीड़ की हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई, पुलिस व्यवस्था में कहीं कोई चूक हुई या नहीं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। इसके अलावा आयोग ने पीड़िता के फॉरेंसिक और पोस्टमॉर्टम की जानकारी, पीड़ित परिवार को दी गई कानूनी, चिकित्सा, मनोवैज्ञानिक सहायता और मुआवजे का भी पूरा ब्योरा मांगा है।
बारुईपुर में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात
रविवार को बच्ची का शव एक तालाब से बोरे में बंद मिला था। इस घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। आरोप है कि गुस्साई भीड़ ने रेप और हत्या में कथित रूप से शामिल एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी। इसके बाद प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसमें सड़क जाम, टायर जलाने और पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। हालात को देखते हुए प्रशासन ने बारुईपुर, नरेंद्रपुर और सोनारपुर थाना क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
SIT गठित, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल सरकार ने मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जिसकी अगुवाई स्थानीय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कर रहे हैं। पुलिस ने रातभर चलाए गए अभियान में दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया, तीन अन्य को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया और सोमवार को मामले के मुख्य आरोपी आनंद सरदार को भी गिरफ्तार कर लिया।
