Save Democracy Day: वकील और राजनीतिक कार्यकर्ता प्रशांत भूषण ने देशवासियों से शुक्रवार को सड़कों पर उतरने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और 'वोट चोरी' के मुद्दे को लेकर पूरा देश जंतर-मंतर पर उतरना चाहता था, लेकिन सरकार ने दिल्ली को लॉकडाउन कर दिया था और शांतिपूर्ण प्रदर्शन की भी अनुमति नहीं दी।
वकील और राजनीतिक कार्यकर्ता प्रशांत भूषण (फोटो साभार: @pbhushan1)
उन्होंने कहा कि सरकार ने दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी, लेकिन अब समय आ गया है कि हम पूरे देश को जंतर-मंतर बना दें। अपने लोकतंत्र को बचाने के लिए सभी लोग हर मोहल्ले, गली, शहर में सड़कों पर उतर जाएं।
'लोकतंत्र बचाओ दिवस'
प्रशांत भूषण ने आगे बताया कि 23 अक्टूबर को 'लोकतंत्र बचाओ दिवस' के तौर पर रखा है। ऐसे में हम देशवासियों से लोकतंत्र को बचाने के लिए सड़कों पर उतरने की अपील करता हूं। उन्होंने कहा, ''सरकार को बताने के लिए सभी लोग सड़कों पर उतरें कि हम चुप नहीं रहेंगे और हम लोग अपने लोकतंत्र को वापस लेंगे।''
