Pradhan Mantri Rashtriya Bal Puraskar 2024: प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2024 की घोषणा कर दी गई है। पुरस्कार 22 जनवरी 2024 को विज्ञान भवन में आयोजित एक औपचारिक समारोह में भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किए जाएंगे। देश के सभी क्षेत्रों से 19 बच्चों को उनकी असाधारण उपलब्धियों के लिए चुना गया है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने ये जानकारी साझा की है। 23 जनवरी 2024 (मंगलवार) को प्रधानमंत्री मोदी पुरस्कार विजेताओं से बातचीत करेंगे। 26 जनवरी 2024 को गणतंत्र दिवस परेड में बच्चे भी हिस्सा लेंगे।
इन 19 बच्चों ने जीता प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2024।
इन 19 बच्चों को मिलेगा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इन 19 बच्चों को उनकी असाधारण उपलब्धियों के लिए सोमवार को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्रदान करेंगी। पीएम मोदी मंगलवार को पुरस्कार विजेताओं से बातचीत करेंगे। इन बच्चों में दो आकांक्षी जिलों समेत 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से नौ लड़के तथा 10 लड़कियां शामिल हैं। बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार, 2024 छह श्रेणियों - कला और संस्कृति (7), वीरता (1), नवाचार (1), विज्ञान और प्रौद्योगिकी (1), सामाजिक सेवा (4) और खेल (5) में दिए जाएंगे।
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पुरस्कार विजेता को मिलेगा एक पदक और एक प्रमाणपत्र
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने कहा कि महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी भी राज्य मंत्री डॉ. मुंजपारा महेंद्रभाई की उपस्थिति में बच्चों के साथ बातचीत करेंगी। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार सरकार की एक पहल है जिसका उद्देश्य 5 से 18 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों की असाधारण उपलब्धियों को पहचानना तथा उन्हें पुरस्कृत करना है। प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक पदक और एक प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की मदद ली गई
बयान में कहा गया है कि इस वर्ष महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने क्षेत्रीय समाचार पत्रों और सभी प्रमुख राष्ट्रीय समाचार पत्रों में विज्ञापन जारी करके नामांकन बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए। राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल को नामांकन के लिए 9 मई से 15 सितंबर तक की लंबी अवधि के लिए खोला गया था। चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की कवायद में पिछले दो वर्ष से आंकड़े जुटाने के लिए कृत्रिम मेधा का उपयोग किया गया। योग्य उम्मीदवारों की सिफारिश करने के लिए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) की भी मदद ली गई।
