अपने विवादित बयानों के लिए हमेशा सुर्खियों में रहने वाली बिहार के शिक्षामंत्री डॉ. चंद्रशेखर ने एक बार एक नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है। साथ ही अपनी गर्दन की कीमत भी पूछी है।
क्या बोले बिहार के शिक्षामंत्री
हिंदी दिवस पर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार के शिक्षा मंत्री ने विवादित बयान देते हुए कहा कि रामचरितमानत में पोटेशियम साइनाइड है और जब तक यह रहेगा, तब तक हम इसका विरोध करते रहेंगे। बिहार में हिंदी दिवस पर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, रामचरितमानस के एक श्लोक पर सवाल उठाते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा- "क्या आपको नहीं लगता कि पुस्तक में जातिवाद का चित्रण किया गया है? यह जातिवाद को बढ़ावा देता है और मैं इसके खिलाफ हूं।"
गले की कीमत कितनी?
उन्होंने कहा- "मुझे रामचरितमानस और अन्य "ग्रंथों" के बारे में आपत्ति है क्योंकि उनमें 55 प्रकार के व्यंजन परोसे जाते हैं लेकिन उनमें पोटेशियम साइनाइड की मात्रा होती है। अगर मैं ऐसा कहता हूं, तो लोग मुझसे नाराज हो जाते हैं। मैं इन किताबों के खिलाफ कुछ कहता हूं तो लोग मेरे सिर पर 10 करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर देते हैं।" आगे सिक्षा मंत्री ने कहा कि पिछली बार उनकी जीभ काटने की कीमत 10 करोड़ थी तो अब उनके गले की कीमत क्या होगी?
पहले भी उठा चुके हैं सवाल
यह पहली बार नहीं है जब शिक्षा मंत्री ने किसी सार्वजनिक सभा में रामचरितमानस की आलोचना की है। इससे पहले इस साल जनवरी में, चंद्र शेखर ने यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया था कि रामचरितमानस 'समाज में नफरत फैलाता है।
भड़क जदयू
जदयू के प्रवक्ता अभिषेक झा ने कहा कि जिनको रामचरितमानस में पोटैशियम साइनाइड दिखता है वह अपनी विचारधारा खुद तक ही सीमित रखें, इसे पार्टी या इंडिया गठबंधन पर थोपने की कोशिश ना करें। उन्होंने कहा कि हम सभी धर्म और उनके धार्मिक ग्रंथों का सम्मान करते हैं, कुछ लोग मीडिया में बने रहने के लिए इस तरह का बयान देते हैं।
भाजपा ने क्या कहा
भाजपा ने भी शिक्षा मंत्री के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि अगर उन्हें सनातन से इतनी दिक्कत है तो धर्म बदल लें। भाजपा के प्रवक्ता राकेश कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षा मंत्री को भले रामचरित मानस में पोटैशियम साइनाइड दिख रहा है लेकिन सही अर्थों में बिहार की राजनीति के लिए राजद जैसी पार्टी ही पोटैशियम साइनाइड है। उन्होंने आगे कहा कि इंडिया गठबंधन में शामिल सभी दल हिंदुओं के अपमान करने की रणनीति पर चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री ने पहली बार रामचरित मानस का अपमान नहीं किया है। उन्होंने यहां तक कहा कि शिक्षा मंत्री को लालू प्रसाद और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का वरदहस्त प्राप्त है और उनके इशारे पर ही शिक्षा मंत्री ऐसा बयान दे रहे।
