Postal Ballots Counting Time: चुनाव आयोग ने मतदान प्रक्रिया को और पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए एक और अहम कदम उठाया है। आयोग ने डाक मतपत्र यानी पोस्टल बैलट की गिनती को लेकर नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। यह आयोग की पिछले छह महीनों में की गई 30वीं पहल है।
अब से मतगणना के दिन पोस्टल की गिनती सुबह 8 बजे शुरू होगी: चुनाव आयोग।(फोटो सोर्स: पीटीआई)
गिनती की प्रक्रिया में किया बड़ा बदलाव
अब से मतगणना के दिन पोस्टल की गिनती सुबह 8 बजे शुरू होगी, जबकि ईवीएम की गिनती 8 बजकर 30 मिनट पर होगी। पहले यह स्थिति रहती थी कि ईवीएम की गिनती डाक मतपत्र से पहले पूरी हो सकती थी, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती थी। नई व्यवस्था के अनुसार अब ईवीएम की अंतिम से पहले वाली गिनती तभी होगी जब तक डाक मतपत्रों की गिनती पूरी नहीं हो जाती।
वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं की भागीदारी
हाल के समय में आयोग ने 85 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं के लिए घर से मतदान की सुविधा दी है। इसके कारण डाक मतपत्रों की संख्या काफी बढ़ गई है। इसी वजह से डाक मतपत्र की गिनती को स्पष्ट और व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
अधिक टेबल और स्टाफ की व्यवस्था
आयोग ने सभी रिटर्निंग अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जहां भी डाक मतपत्रों की संख्या अधिक हो, वहां पर्याप्त टेबल और कर्मचारियों की तैनाती की जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतगणना में देरी न हो और हर चरण पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़े।
छह महीनों में चुनाव आयोग की 29 पहल
चुनाव आयोग ने पिछले छह महीनों में कुल 29 पहलें की हैं। इनमें मतदाताओं की सुविधा बढ़ाने के लिए मोबाइल डिपॉजिट सुविधा, बूथ पर भीड़ कम करने के उपाय, ईवीएम पर प्रत्याशियों की रंगीन तस्वीरें, सभी बूथों पर वेबकास्टिंग, और मृतकों के नाम स्वतः हटाने की प्रक्रिया जैसी कई अहम कदम शामिल हैं।
इस पहल पीछे आयोग का उद्देश्य
आयोग का कहना है कि इन सुधारों का मकसद मतगणना प्रक्रिया को साफ सुथरा बनाना, अनावश्यक देरी को खत्म करना और मतदाताओं तथा राजनीतिक दलों के बीच विश्वास को और मजबूत करना है। डाक मतपत्र की गिनती में पारदर्शिता से न केवल उम्मीदवारों को स्पष्टता मिलेगी बल्कि जनता का विश्वास भी बढ़ेगा।
