Poonch Terror Attack News and Update: जम्मू-कश्मीर के पुंछ में भारतीय वायुसेना के काफिले पर हुए हमले का पूरा प्लान पाकिस्तान या फिर पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर से ऑपरेट हुआ था। सेना की ओर से अब तक की जांच में इस बात के संकेत मिले हैं कि इस हमले के पीछे लश्कर-ए-तैयबा का हाथ हो सकता है। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि इस आतंकी हमले का मास्टरमाइंड साजिद जट था, जो पाकिस्तान या पीओके से ऑपरेशन को अंजाम देता है। वहीं, शक की सुई लश्कर-ए-तैयबा के विदेशी आतंकवादी अबू हमजा की तरफ भी घूमी हुई है। बहरआल, सेना के जवानों ने आतंकियों की धरपकड़ के सर्च ऑपरेशन को और तेज कर दिया है।
पुंछ आतंकी हमला
बता दें, पुंछ की सुरनकोट तहसील के बकराबल (सनाई) इलाके में हुए इस आतंकी हमले में वायुसेना के कॉर्पोरल विक्की पहाड़े शहीद हो गए थे और 4 अन्य वायु सेना के जवान घायल हो गए। इसके बाद वायु सेना के जवानों ने पूरे इलाके को घेर कर तलाशी अभियान शुरू किया है। इस हमले के आरोप में कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों का सफाया करने के लिए शाहसितार, गुरसाई, सनाई और शीनदारा टॉप समेत कई इलाकों में सेना व पुलिस का संयुक्त अभियान जारी है। हालांकि, अभी तक आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच कोर्ठ संपर्क नहीं हुआ है।
एम4 कार्बाइन व असॉल्ट राइफलों का हुआ इस्तेमाल
सेना के अधिकारियों ने बताया कि वायु सेना के काफिले पर घात लगाकर किए हमले में आतंकवादियों ने एके असॉल्ट राइफलों के अलावा अमेरिका निर्मित एम4 कार्बाइन और स्टील की गोलियों का भी इस्तेमाल किया था। माना जा रहा है कि हमले के बाद आतंकी जंगलों की ओर भाग गए। हमले के मद्देनजर स्थानीय पुलिस, सेना और अर्धसैनिक बलों सहित सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों का पता लगाने के लिए कई इलाकों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया। सेना ने एक हेलीकॉप्टर का उपयोग करके हवाई निगरानी भी की और पैरा कमांडो को भी तलाशी अभियान में लगाया गया।
21 दिसंबर, 2023 के बाद पुंछ में पहला हमला
शनिवार का हमला 21 दिसंबर, 2023 के बाद पुंछ में पहला हमला था, जब जिले के बफलियाज के डेरा की गली इलाके में एक आतंकवादी हमले में सेना के 4 जवान मारे गए थे। पुलिस के मुताबिक, अबू हमजा 22 अप्रैल को राजौरी जिले के थानामंडी इलाके के कुंडा टॉप गांव में 40 वर्षीय सरकारी कर्मचारी मोहम्मद रज्जाक की हत्या के लिए भी जिम्मेदार है। रज्जाक समाज कल्याण विभाग में कार्यरत थे, जबकि उनके भाई मोहम्मद ताहिर चौधरी प्रादेशिक सेना में कार्यरत हैं। पुलिस ने बताया कि आतंकवादी सैनिक को मारने आए थे, लेकिन जब वह उनके चंगुल से छूट गया तो उन्होंने उसके भाई को मार डाला। पुलिस ने पुंछ और राजौरी जिलों के घने जंगली इलाके में सक्रिय इस विदेशी आतंकवादी का पता लगाने वाले व्यक्ति को 10 लाख रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है।
