Narendra Modi : कोरोना महामारी से मिली सीख का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि इस संकट ने दुनिया के विकसित देशों की स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियां उजागर कीं और इस संकट ने हमें बहुत कुछ सीखाया। पीएम ने कहा कि इसे ध्यान में रखते हुए हमने दुनिया के सामने 'वन अर्थ, वन हेल्थ' की परिकल्पना सामने रखी। यह नजरिया सभी को समग्र स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य लेकर चलता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत की सोच रेखांकित की।
दुनिया स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा फिक्रमंद : पीएम
'हेल्थ एंड मेडिकल रिसर्च' पर पोस्ट-बजट वेमिनार को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि हमें यह सीख मिली कि कोरोना जैसी विपत्ति के समय समृद्ध देशों की विकसित व्यवस्था भी चरमरा जाती है। पीएम ने कहा, 'कोरोना संकट के बाद दुनिया स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा फिक्रमंद है लेकिन भारत की सोच केवल स्वास्थ्य देखभाल तक ही सीमित नहीं है बल्कि हम लोगों की तंदुरुस्ती पर भी काम कर रहे हैं।' पीएम ने आगे कहा कि आपूर्ति श्रृंखला कितनी महत्वपूर्ण है, यह हमें कोविड महामारी ने सीखाया। महामारी जब अपने चरम पर थी तो कुछ देशों के लिए दवाएं, टीके, मेडिकल उपरण सहित जीवन रक्षक दवाएं हथियार बन गए थे।That's why we have kept a vision before the world, 'One Earth, One Health' - holistic healthcare for everyone: PM N… t.co/ajudeOYBVU
— ANI (@ANI) Mar 6, 2023
1,50,000 स्वास्थ्य एवं वेलनेस सेंटर बनेंगे
पीएम ने आगे कहा कि हमारी कोशिश है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत की निर्भरता विदेशों पर कम से कम हो। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार आने वाले समय में देश भर में 1,50,000 स्वास्थ्य एवं वेलनेस सेंटर बनाने जा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य को लेकर देश में कई दशकों तक ठोस रणनीति एवं उद्देश्य का अभाव रहा। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए देश में गुणवत्ता युक्त एवं आधुनिक स्वास्थ्य ढांचे की आवश्यकता है। जरूरी है कि लोगों को उनके घर के नजदीक स्वास्थ्य केंद्र एवं सुविधाएं उपलब्ध हों।Corona also taught us that supply chain has become a very important matter. When pandemic was at its peak, for some… t.co/4Tdqfr4LKE
— ANI (@ANI) Mar 6, 2023
