PM Modi News: एक तरफ पीएम मोदी (Narendra Modi) बिजनेस में नियमों को कबाड़ (Scrap) बनाने वालों पर पेनाल्टी लगा रहे हैं, दूसरी तरफ कबाड़ से करोड़ों की कमाई भी कर रहे हैं। ये कैसे हो रहा है। देश के सरकारी दफ्तरों का हाल क्या था। ये सब जानते हैं कि सालों से पड़ी फाइलें, खराब इलेक्ट्रॉनिक आइटम (Electronic Items), ये सरकारी दफ्तारों की पहचान थे और इस कबाड़ को निकालने की कोई नीति नहीं थी। कोई फैसले नहीं हो पाते थे। फैसले फाइलों में ही उलझ कर रह जाते थे। ये तो कोई सोच भी नहीं पाया था कि सरकारी दफ्तरों के कबाड़ से कमाई भी हो सकती है लेकिन पीएम मोदी ने ऐसा करके दिखा दिया। आपको ये ख़बर हैरान कर देगी कि सरकारी दफ्तरों के कबाड़ से ही ढाई सौ करोड़ से ज्यादा कमाई हुई है। ढाई सौ करोड़ रुपये कम नहीं होते। ये बहुत बड़ी रकम है।
कई मंत्रालयों ने लिया सफाई अभियान में हिस्सा
ये कैसे हुआ ये आपको बताते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अलग अलग मंत्रालयों और सरकारी दफ्तरों की सफाई के लिए स्वच्छ भारत अभियान का Special Campaign शुरू किया। स्वच्छ भारत मिशन के Special Campaign को 2 चरणों में बांटा गया था। 14 सितंबर से 30 सितंबर तक इसकी तैयारी की गई। मंत्रालयों और दफ्तरों की चिन्हित किया गया, जहां सफाई करनी है और उसके बाद 2 अक्टूबर से सफाई अभियान शुरू किया गया। ये सफाई अभियान 31 अक्टूबर तक चलेगा। इस अभियान में केंद्रीय सचिवालय, रेलवे मंत्रालय, फिशरीज मिनिस्ट्री, Coal डिपार्टमेंट समेत कई मंत्रालय और विभागों ने हिस्सा लिया है, और इस से जो सफाई हुई है, उसके आंकड़े चौंकाने वाले हैं।25 अक्टूबर तक के हैं आंकड़े
अभी स्वच्छता अभियान के स्पेशल कैंपेन में 5 दिन बाकी हैं। इस कैंपेन से अब तक क्या हासिल हुआ वो आपको बताता हूं। ये आंकड़े 25 अक्टूबर तक के हैं।कचरे से कमाई-254 करोड़ रुपये, अभी 5 दिन बाकी हैं। 300 करोड़ की कमाई का अनुमान जबकि 2021 में कचरे की सफाई से 40 करोड़ की कमाई हुई थी। Files, E Waste की सफाई से खाली हुई जगह, 37.19 लाख वर्ग फीट, ये इतनी जगह है जिस में 900 वर्ग फीट साइज के 4111 फ्लैट बन सकते हैं। ये इतनी जगह जिस में 200 वर्ग फीट साइज की 18500 दुकानें बन सकती हैं।
हो सकती है इतनी कमाई
2021 में कचरे की सफाई से 8 लाख वर्ग फीट जगह खाली हुई थी। अलग अलग मंत्रालयों और विभागों में इतनी बड़ी जगह पर फाइलें और ई वेस्ट जैसे बेकार कंप्यूटर, टेलीफोन, प्रिंटर, फैक्स मशीन वगैरह, पड़े हुए थे, अब इनको हटा दिया गया है। सिर्फ मंत्रालयों की फाइलें और e Waste का निपटारा करके 254 करोड़ रुपये की कमाई हुई है। अगर इसी तरह से बड़े पैमाने पर शहरों के कचरे की सफाई की जाए तो हजारों करोड़ की कमाई हो सकती है।- इस प्रक्रिया से 2025 तक एक करोड़ लोगों को रोजगार मिल सकता है।
- रिपोर्ट में Recyclable कचरे को डंपिंग ग्राउंड में फेंकने पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की गई है।
- गीले कचरे से मीथेन बनाकर सालाना 2460 करोड़ की कमाई हो सकती है।
- सूखे कचरे की Recycling फैसिलिटी से सालाना 17 हजार करोड़ रुपये तक की कमाई हो सकती है।
