Mahatma Gandhi Birth Anniversary: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती (Gandhi Jayanti 2026) के पावन अवसर पर शुक्रवार को देश की राजधानी नई दिल्ली में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधी स्मृति पहुंचकर एक खास सर्वधर्म प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया और बापू के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
157वीं गांधी जयंती पर पीएम मोदी ने बापू को किया याद
इस अवसर पर उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन (Vice President CP Radhakrishnan) ने भी गांधी स्मृति (Gandhi Smriti) में महात्मा गांधी को नमन किया। उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में बापू के ऐतिहासिक योगदान और उनके सामाजिक सद्भाव के वैश्विक संदेश को याद किया। प्रार्थना सभा के दौरान स्कूली बच्चों और कलाकारों ने बापू के प्रिय भक्ति भजनों की सुंदर प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। पीएम मोदी ने इससे पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर बापू को याद करते हुए लिखा कि पूज्य बापू का संपूर्ण जीवन सत्य, अहिंसा, करुणा और सेवा का ऐसा प्रकाशस्तंभ है, जो हर युग में मानवता का मार्ग प्रशस्त करता रहेगा।
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महात्मा गांधी, जिनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था, के विचार आज भी पूरी दुनिया के लिए प्रासंगिक हैं। संयुक्त राष्ट्र द्वारा इस दिन को 'अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस' के रूप में मनाया जाता है। बापू ने सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे ऐतिहासिक आंदोलनों का नेतृत्व कर देश को आजादी की राह दिखाई थी।
आज पूर्व पीएम लाल बहादुर शास्त्री की जयंती
इससे पहले दिन में, प्रधानमंत्री मोदी ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की और वहां आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना में भाग लिया। इस दौरान देश के कई अन्य नेताओं और नागरिकों ने भी बापू के शांति, अहिंसा और स्वच्छता के संदेश को याद किया। इसके साथ ही, देश आज पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri Jayanti) की 122वीं जयंती भी मना रहा है।
पीएम मोदी ने विजय घाट पहुंचकर शास्त्री जी को दी श्रद्धांजलि
इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने विजय घाट पहुंचकर शास्त्री जी को श्रद्धांजलि दी। 2 अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में जन्मे लाल बहादुर शास्त्री ने देश को 'जय जवान, जय किसान' का अमर नारा दिया था। 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उनका दृढ़ नेतृत्व और देश को आत्मनिर्भर बनाने का उनका संकल्प आज भी हर भारतीय को प्रेरित करता है।
