Parliament Session: 18वीं लोकसभा के सत्र का सोमवार को आगाज हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी बार सांसद के रूप में शपथ ली। पीएम के अलावा मंत्रिपरिषद में शामिल नए सांसदों को भी शपथ दिलाई गई। वहीं विपक्ष के तेवरों को देखते हुए इस सत्र के हंगामेदार होने के आसार बन गए हैं। विपक्ष पेपर लीक सहित कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर चुका है। टीएमसी के सांसदों ने संविधान की प्रति परिसर में मार्च निकाला। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि मोदी सरकार सभी लोकतांत्रिक मानकों को तोड़ रही है।
सांसद के रूप में शपथ लेते पीएम मोदी, शिवराज सिंह चौहान, जीतन राम मांझी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, 'मोदी जी संविधान को तोड़ने की कोशिश की। इसलिए विपक्ष के सभी नेता इसका विरोध कर रहे हैं। मोदी सरकार सभी लोकतांत्रिक मानकों को तोड़ रही है। यहां गांधी जी मूर्ति हुआ करती थी लेकिन उसे हटा दिया गया है। इसलिए हम लोग विरोध करने के लिए यहां जुटे हैं।'
यह भी पढ़ें- 'लोकतंत्र का काला धब्बा है आपातकाल', 18वीं लोकसभा के सत्र की शुरुआत पर PM का कांग्रेस पर तंज
नीट, नेट का मुद्दा उठाएंगे-पप्पू यादव
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा कि लोकसभा में नीट, नेट का मुद्दा उठाएंगे। एनडीए सरकार देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। सभी परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं। 65 फीसदी आरक्षण के लिए सरकार से अध्यादेश लाने की मांग करेंगे। इसके अलावा बिहार को स्पेशल पैकेज देने के लिए पीएम और गृह मंत्री से मिलेंगे।
'सत्ता पक्ष अपना घमंड भूला नहीं है'
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, 'मुझे लगता है कि सत्ता पक्ष अपना घमंड भूला नहीं है। देश के सामने जो मुद्दे हैं। उसको सदन में उठाना चाहिए। सदन की गरिमा को भी बरकरार रखना चाहिए। के सुरेश यदि प्रोटेम स्पीकर की कुर्सी पर बैठते तो आज पूरे देश के दलित समाज को अच्छा संदेश जाता।'
हम चाहते हैं कि संविधान की नींव मजबूत रहे-सुदीप
टीएमसी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा, हमारी मांग संविधान की रक्षा करना है। भारत और बांग्लादेश के बीच करार होता है लेकिन सरकार बंगाल की सरकार को बुलाती नहीं है। एक तरफा चीजें हो रही है। हम चाहते हैं कि संविधान की नींव मजबूत रहे। हम सरकार को याद दिलाने के लिए संविधान की प्रति लेकर आए हैं। टीएमसी के सांसद सौगत राय ने कहा कि संविधान खत्म करने के भाजपा के प्रयासों को हम विरोध कर रहे हैं।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) की सांसद महुआ माजी ने कहा कि देश के लिए NEET का मुद्दा बहुत अहम है। मध्यम वर्ग के लोग प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में अपने बच्चों को नहीं पढ़ा सकते हैं। इसलिए ये बच्चे सरकारी मेडिकल स्कूलों की तैयारी करते हैं लेकिन तरह का स्कैंडल हो जाता है। सरकार ने यूजीसी-नेट परीक्षा भी रदद् कर चुकी है।
