प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-कनाडा संबंधों में आई सकारात्मक गति को आगे बढ़ाने और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति जताई। बातचीत में व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी संबंधों जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
पीएम मोदी ने की मार्क कार्नी से फोन पर बात
फोन पर बातचीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि मार्क कार्नी के साथ उनकी बातचीत गर्मजोशी भरी और फायदेमंद रही। दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने और सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में ठोस नतीजे हासिल करने की दिशा में काम करने पर सहमत हुए।
व्यापार और ऊर्जा सहयोग पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी के मुताबिक, भारत और कनाडा अपनी रणनीतिक साझेदारी के तहत व्यापार और ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने पर काम करेंगे। दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करना और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के ठोस परिणाम हासिल करना इस बातचीत के प्रमुख बिंदुओं में शामिल रहा।
टेक्नोलॉजी और सुरक्षा भी चर्चा के केंद्र में
दोनों नेताओं ने प्रौद्योगिकी और सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया। इसके अलावा, भारत और कनाडा के नागरिकों के बीच संपर्क और आपसी संबंधों को मजबूत बनाने के मुद्दे पर भी सहमति बनी। मोदी ने कहा कि दोनों देश मिलकर अधिक स्थिर और समृद्ध दुनिया बनाने में योगदान दे रहे हैं। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब दोनों देश अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने और रणनीतिक साझेदारी के अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।
पीयूष गोयल ने की थी कनाडा के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू से बात
यह बातचीत वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल द्वारा भारत-कनाडा व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) की वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए कनाडा के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू के साथ हुई बातचीत के तुरंत बाद हुई।
इस मुलाकात को लेकर पीयूष गोयल ने बताया था कि भारत-कनाडा व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) की बातचीत को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई, जिसमें संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा था कि मुझे विश्वास है कि CEPA द्विपक्षीय व्यापार को नई गति प्रदान करेगा और साझा समृद्धि के लिए हमारी आर्थिक साझेदारी को मजबूत करेगा।
