PM Modi Manipur Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मणिपुर के चुराचंदपुर का दौरा किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सड़क मार्ग से 65 किलोमीटर की यात्रा कर इंफाल से चुराचांदपुर पहुंचे हैं।चुराचंदपुर में लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा,"मणिपुर की धरती साहस और वीरता की धरती है। मैं मणिपुर के लोगों के जज्बे को सलाम करना चाहता हूं। आप सभी भारी बारिश के बावजूद यहां आए, मैं आपके प्यार के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। भारी बारिश के कारण मेरा हेलीकॉप्टर नहीं आ सका, इसलिए मैंने सड़क मार्ग से आने का फैसला किया। मैंने सड़क पर जो दृश्य देखे, उसके लिए मैं ईश्वर का धन्यवाद करता हूँ कि आज मेरा हेलीकॉप्टर काम नहीं कर रहा था। जिस तरह से मैंने मणिपुर के युवाओं और बुजुर्गों को हाथों में तिरंगा लिए देखा, मैं इस पल को जीवन में कभी नहीं भूल सकता।"
पीएम मोदी ने मणिपुर के युवाओं की जमकर तारीफ की।(फोटो सोर्स: BJP4India X handl)
मणिपुर आने वाले समय में पूरे नॉर्थ-ईस्ट की चमक बढ़ाएगी: पीएम मोदी
उन्होंने आगे कहा मणिपुर के नाम में ही मणि है, ये वो मणि है जो आने वाले समय में पूरे नॉर्थ-ईस्ट की चमक को बढ़ाने वाली है। भारत सरकार का निरंतर प्रयास रहा है कि मणिपुर को विकास के रास्ते पर तेजी से आगे ले जाएं। इसी कड़ी में मैं आज यहां आप सभी के बीच आया हूं। थोड़ी देर पहले इसी मंच से करीब 7 हजार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास हुआ है। ये प्रोजेक्ट्स मणिपुर के लोगों की, यहां हिल्स पर रहने वाले ट्राइबल समाज की जिंदगी को और बेहतर बनाएंगे।"
पीएम मोदी ने मणिपुर हिंसा का किया जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "मणिपुर की धरती आशा और आकांक्षाओं की धरती है। दुर्भाग्य से, हिंसा ने इस खूबसूरत क्षेत्र पर अपनी छाया डाल दी है। कुछ समय पहले मैं राहत शिविरों में रह रहे प्रभावित लोगों से मिला। उनसे मिलने के बाद मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि मणिपुर में आशा और विश्वास का एक नया सवेरा उग रहा है। कहीं भी विकास की जड़ें जमाने के लिए शांति आवश्यक है। पिछले 11 वर्षों में, पूर्वोत्तर में कई संघर्षों और विवादों का समाधान हुआ है। लोगों ने शांति का मार्ग चुना है और विकास को प्राथमिकता दी है।"
पीएम मोदी ने कहा कि हमें संतोष है कि हाल ही में पहाड़ियों और घाटियों में विभिन्न समूहों के साथ समझौतों पर बातचीत हुई है। ये भारत सरकार के प्रयासों का हिस्सा हैं जिनमें संवाद, सम्मान और आपसी समझ को महत्व देते हुए शांति स्थापित करने का कार्य किया जा रहा है। मैं सभी संगठनों से शांति के मार्ग पर आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने की अपील करता हूँ। मैं आपके साथ हूँ, भारत सरकार मणिपुर के लोगों के साथ है।"
कई विकास परियोजनाओं का किया शिलान्यास
पीएम मोदी ने मणिपुर में 3,600 करोड़ रुपये से अधिक की मणिपुर शहरी सड़कें, जल निकासी और परिसंपत्ति प्रबंधन सुधार परियोजना; 2,500 करोड़ रुपये से अधिक की 5 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं मणिपुर इन्फोटेक विकास (MIND) परियोजना का शिलान्यास किया है। वहीं, 9 स्थानों पर कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास मुहैय्या कराने का ऐलान किया है।
'भारत सरकार ने मणिपुर में दो स्तरों पर किए काम'
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, "मणिपुर एक सीमावर्ती राज्य है और यहां कनेक्टिविटी हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। मैं अच्छी सड़कों की कमी के कारण आपके सामने आने वाली कठिनाइयों को अच्छी तरह समझता हूं। इसीलिए, 2014 से मैंने मणिपुर की कनेक्टिविटी को लगातार बेहतर बनाने पर जोर दिया है और इसके लिए भारत सरकार ने दो स्तरों पर काम किया है। पहला, हमने मणिपुर में सड़क और रेलवे पर बजट बढ़ाया। दूसरा, हमने गांवों को सड़कों से जोड़ने के लिए प्रयास किए।"
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि पिछले कुछ वर्षों में मणिपुर में राष्ट्रीय राजमार्गों पर 3,700 करोड़ रुपये खर्च किए गए। नए राजमार्गों के निर्माण पर 8,700 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।"
मणिपुर भी लगातार देश के साथ कर रहा तरक्की: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा, "हम बहुत जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहे हैं। एक समय था जब दिल्ली में लिए गए फैसलों को यहां तक पहुंचने में दशकों लग जाते थे। आज हमारा चुराचांदपुर, हमारा मणिपुर, देश के बाकी हिस्सों के साथ मिलकर प्रगति कर रहा है। जैसे हमने देशभर के गरीबों के लिए पक्के घर बनाने की घोषणा की, मणिपुर को भी इसका लाभ मिला है। यहां लगभग 60,000 घर पहले ही बन चुके हैं, जिससे हजारों परिवारों को सम्मान और सुरक्षा का जीवन मिल रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने देशभर में गरीबों के लिए पक्के घर बनाने की योजना शुरू की है। मणिपुर के हजारों परिवारों को भी इसका लाभ मिला है। बीते वर्षों में 15 करोड़ से ज्यादा देशवासियों को नल से जल की सुविधा मिली है। मणिपुर में, 7-8 साल पहले तक, केवल 25-30 हजार घरों में ही पाइप से पानी आता था। आज यहां 3.5 लाख से ज्यादा घरों को नल से जल की सुविधा मिल रही है..
