PM Modi In Malaysia: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मलेशिया दौरे का आज (रविवार) दूसरा दिन है। पीएम मोदी ने आज मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ पुत्राजाया स्थित पेरदाना पुत्रा भवन में मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के मंत्रियों और उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों के बीच अहम द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसमें भारत-मलेशिया संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की गई।
भारत-मलेशिया के बीच कई महत्वपूर्ण समझौते हुए।(फोटो सोर्स: ANI)
किन-किन मुद्दों पर हुई बात?
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को औपचारिक स्वागत दिया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया। दोनों देशों के बीच होने वाली प्रतिनिधिमंडल की बैठक के दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, शिक्षा, डिजिटल टेक्नोलॉजी और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श हुए।
बता दें कि दोनों नेताओं ने भारत और मलेशिया के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई। इस मुलाकात को एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत की कूटनीतिक सक्रियता के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
पीएम मोदी ने क्या-क्या कहा?
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "पिछले साल मैं आसियान शिखर सम्मेलन के लिए मलेशिया नहीं आ सका था, लेकिन मैंने अपने प्रिय मित्र से वादा किया था कि मैं जल्द से जल्द मलेशिया आऊंगा। 2026 की अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए मैं मलेशिया आया हूं।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "पिछले कुछ वर्षों में हमारे संबंधों ने एक नई गति पकड़ी है। मेरे मित्र, प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम का इसमें विशेष योगदान रहा है। ऊर्जा, अवसंरचना और विनिर्माण क्षेत्रों में हमारे बीच सहयोग मजबूत हुआ है। डिजिटल अर्थव्यवस्था, जैव प्रौद्योगिकी और आईटी में आपसी निवेश बढ़ा है। पर्यटन और जन-संबंध भी गहरे हुए हैं। इन उपलब्धियों से प्रेरणा लेते हुए, हमने अपनी साझेदारी में अभूतपूर्व गति और गहराई लाने का निर्णय लिया है।"
वहीं, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने कहा, "मैं इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी को विश्व भर में शांति प्रयासों के प्रति उनके दृढ़ समर्थन के लिए हार्दिक धन्यवाद और आभार व्यक्त करना चाहता हूं, चाहे वह यूक्रेन हो, रूस हो या मध्य पूर्व, विशेष रूप से गाजा। शांति प्रक्रिया के प्रति उनका समर्थन निर्विवाद है और इसलिए मैं निश्चित रूप से उनकी सराहना करता हूं। हमारे अच्छे संबंधों के प्रतीक के रूप में, मैंने कोटा किनाबालू, सबाह में भारत का वाणिज्य दूतावास खोलने के भारत सरकार के निर्णय का तुरंत समर्थन करने पर सहमति व्यक्त की है।"
उन्होंने आगे कहा,"पर्यटन और कनेक्टिविटी ऐसे क्षेत्र हैं जिन पर हमें और अधिक ध्यान देना होगा। हमने पिछले वर्ष में यह शानदार वृद्धि देखी है, और हमें उम्मीद है कि वीजा उदारीकरण और हवाई कनेक्टिविटी में वृद्धि के माध्यम से 'मलेशिया ट्रूली एशिया' और 'इंक्रेडिबल इंडिया' कार्यक्रमों से लाभ मिलेगा। मैं कई बार भारत आ चुका हूं और सैकड़ों स्थानों का भ्रमण कर चुका हूं, फिर भी मुझे लगता है कि मैंने भारत को पूरी तरह से नहीं देखा है। प्रधानमंत्री जी, यह बहुत विशाल है और यह घूमने, इतिहास, संस्कृति, कला के बारे में जानने के लिए एक अद्भुत देश है, इसके अलावा प्रौद्योगिकी में हो रही नई प्रगति भी अद्भुत है। क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के संदर्भ में मैं अपनी प्रशंसा व्यक्त करना चाहता हूं क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी के साथ मेरी चर्चाएं केवल सामान्य औपचारिकताओं और राजनयिक आदान-प्रदान तक सीमित नहीं थीं। यह सच्चे मित्रों के बीच विश्वास और समझ से भरा आदान-प्रदान था।"
आज दुनिया भारत की ओर देख रही: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने शनिवार को मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में भारतीय समुदाय को संबोधित किया। उन्होंने कहा,"दुनिया, भारत को विकास के भरोसेमंद साझेदार के रूप में देख रही है। उन्होंने बताया कि ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ समेत कई देशों के साथ हुए हालिया व्यापार समझौते इसी भरोसे की मिसाल हैं। वहीं, रविवार की सुबह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के बीच अहम बातचीत होने वाली है। इस बैठक में कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।
कई मलेशियाई हस्तियों से मुलाकात करेंगे पीएम मोदी
दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल की चर्चा और समझौतों के आदान-प्रदान के बाद प्रधानमंत्री मोदी आईएनए से जुड़े दिग्गजों, प्रमुख प्रवासी भारतीयों और मलेशियाई हस्तियों से मुलाकात करेंगे, साथ ही उद्योग जगत के प्रमुख सीईओ और बिजनेस लीडर्स से भी बातचीत का कार्यक्रम है. स्थानीय समय के मुताबिक वह डेढ़ बजे भारत के लिए रवाना होंगे.
