डिजिटल अरेस्ट के बढ़ते मामलों पर पीएम मोदी की सख्ती, कहा- तुरंत हो कार्रवाई

साइबर अपराध और डिजिटल अरेस्ट से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए पीएम ने कहा कि लोगों को एक विभाग या एजेंसी से दूसरे विभाग के चक्कर काटने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट जिम्मेदारी, त्वरित प्रतिक्रिया, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, बैंकों व डिजिटल मंचों के बीच बेहतर समन्वय और बड़े पैमाने पर जन जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर बल दिया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों से धोखाधड़ी की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सभी संबंधित एजेंसियों को समन्वित, संवेदनशील और समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करनी चाहिए। पीएम मोदी ने ये निर्देश साइबर अपराध और ’डिजिटल अरेस्ट’ के जरिए होने वाली धोखाधड़ी से जुड़ी शिकायतों की समीक्षा के दौरान दिए। इस दौरान उन्होंने चार राज्यों में सड़क, बिजली, औद्योगिक गलियारे और मेट्रो रेल क्षेत्रों से जुड़ी करीब 30,000 करोड़ रुपये की लागत वाली चार महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की भी समीक्षा की।

PM Modi, PM Narendra Modi

पीएम मोदी।

प्रधानमंत्री ने यह समीक्षा 'प्रगति' की 52वीं बैठक में की। प्रगति एक सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) आधारित बहु-आयामी मंच है,जिसका उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों को एक साथ जोड़कर सक्रिय शासन व योजनाओं को समय पर लागू करना है। साइबर अपराध और डिजिटल अरेस्ट से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए पीएम ने कहा कि लोगों को एक विभाग या एजेंसी से दूसरे विभाग के चक्कर काटने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट जिम्मेदारी, त्वरित प्रतिक्रिया, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, बैंकों व डिजिटल मंचों के बीच बेहतर समन्वय और बड़े पैमाने पर जन जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर बल दिया।

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