पी चिदंबरम के बाद अब महबूबा मुफ्ती ने खुद को बताया 'दिमागी नक्सल', अनुच्छेद 370 का किया समर्थन

80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले से दिए गए 'दिमागी नक्सल' वाले बयान ने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम के 'मुझे दिमागी नक्सल होने पर गर्व है' वाले बयान के बाद बीजेपी पूरी तरह हमलावर हो गई है। अब चिदंबरम के बार महबूबा मुफ्ती ने भी खुद को दिमागी नक्सल कहा है।

80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए नक्सलवाद और माओवाद को समाज के लिए एक बड़ा अभिशाप बताया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि जंगलों में हथियारबंद नक्सलियों का सफाया करने में बड़ी सफलता मिली है। हालांकि, उन्होंने देश को आगाह किया कि अब 'दिमागी नक्सल' से सतर्क रहने की जरूरत है, जो समाज में हिंसा और अराजकता फैलाने के मौके तलाश रहे हैं।

Dimaagi Naxal Chidambaram Mehbooba Mufti

'दिमागी नक्सल' पर सियासी भूचाल (फाइल फोटो)

प्रधानमंत्री का यह बयान सामने आते ही देश का राजनीतिक पारा चढ़ गया। पहले तो पूर्व वित्त और गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा कि उन्हें 'दिमागी नक्सल होने पर गर्व है'। अब इसके बाद पीडीपी चीफ और जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने भी खुद को 'दिमागी नक्सल' कहा। उन्होंने अनुच्छेद 370 का खुलकर समर्थन किया।

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