PM-Kisan Samman Nidhi Latest News: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में हुई बड़ी चूक के मामले में असम के गुवाहाटी हाईकोर्ट ने बीजेपी शासित राज्य सरकार को एक्शन लेने के लिए कहा है। अदालत ने सरकार से दो टूक कहा है कि लाभ बांटने में हुई अनियमितताओं में लिप्त अफसरों के खिलाफ ‘‘उचित कार्रवाई’’ की जाए।
PM-Kisan Samman Nidhi: तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल)
गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) अमगुरी नब निर्माण समिति की ओर से इस मामले में दायर जन हित याचिका पर सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस आर एम छाया और जस्टिस सौमित्र सैकिया की बेंच ने निर्देश दिया कि राज्य सरकार को दोषी अफसरों के खिलाफ ‘‘उचित एक्शन’’ लेने की जरूरत है। बेंच ने इससे पहले 25 नवंबर के आदेश में कहा था, ‘‘राज्य सरकार उपयुक्त लाभार्थियों को लाभ देने के लिए दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करेगी। प्रतिवादी प्राधिकरण योजना को अक्षरशः और कानून के अनुसार लागू करेगा।’’
कोर्ट ने सरकार को 2020 में तत्कालीन मुख्य सचिव जिष्णु बरुआ की ओर से तैयार की गई सदस्यीय जांच रिपोर्ट पर भी विचार करने का निर्देश दिया। बरुआ की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कृषि विभाग के संयुक्त सचिव गुनजीत कश्यप ने फरवरी में एक हलफनामे में अदालत को सूचित किया कि 11.72 लाख अपात्र लोगों को पीएम-किसान योजना के तहत लाभ मिला।
कोर्ट के मुताबिक, ‘‘यह भी रिकॉर्ड में लाया गया कि 16 जिला कृषि अधिकारी और 98 कृषि विकास अधिकारी विभागीय जांच के अधीन हैं।’’ बेंच ने कहा कि इसके अलावा, बंगाईगांव जिले के जिला कृषि अधिकारी की ओर से एक एफआईआर दर्ज की गई है और कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिन्होंने फर्जी तरीके से 734 लोगों को पोर्टल से जोड़ा था।
दरअसल, मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली असम सरकार ने हाईकोर्ट को जानकारी दी थी कि करीब 12 लाख अपात्र किसानों को केंद्र सरकार की प्रमुख योजना के तहत लाभ मिला। चार अगस्त, 2021 को सूबे के कृषि मंत्री अतुल बोरा ने विस में बताया था कि राज्य में कुल 23,33,864 किसानों को पीएम-किसान योजना के तहत लाभ मिला।
