पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के महासचिव अब्दुल सत्तार को बुधवार को केरल से हिरासत में ले लिया गया। इस बीच, महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पीएफआई से जुड़े लोग देश में कलह पैदा करने का काम कर रहे थे। राज्य में भी इन लोगों ने अलग-अलग जगहों पर लोगों को भड़काने की कोशिश की थी। इन सब बातों के सबूत होने के बाद केंद्र सरकार ने इस पर प्रतिबंध लगाया है। पीएफआई एक तरह का साइलेंट किलर था।
उधर, म.प्र. के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ ने केंद्र के कदम पर कहा- जनता को सुरक्षा चाहिए। अगर इतने दिन से ये हो रहा था तो आप क्या कर रहे थे? ये साल भर में तो पैदा नहीं हुई। क्या सबूत अभी मिले हैं? अगर ये आतंकवादी संस्थाओं से पहले से जुड़ी थी तो आप इतने साल क्या कर रहे थे?
#WATCH | Alappuzha, Kerala: PFI state general Abdul Sathar detained by police t.co/hq4CfXuu4v
— ANI (@ANI) Sep 28, 2022
इस बीच, पुणे में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की ओर से पीएफआई पर लगाए गए प्रतिबंध का जश्न मनाते हुए स्थानीय लोगों के बीच लड्डू बांटे और पटाखे फोड़े।
Pune | Maharashtra Navnirman Sena (MNS) workers burst crackers and distribute laddoos in order to celebrate the ban… t.co/yBlc2JgX59
— ANI (@ANI) Sep 28, 2022
हालांकि, एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि पीएफआई प्रतिबंध का समर्थन नहीं किया जा सकता है...अपराध करने वाले कुछ व्यक्तियों के कार्यों का मतलब यह नहीं है कि संगठन को ही प्रतिबंधित किया जाए।
While I have always opposed PFI's approach and supported democratic approach, this ban on PFI cannot be supported undefined
— ANI (@ANI) Sep 28, 2022
वैसे, रोचक बात है कि देश के कुछ मुस्लिम संगठनों और उनके नेताओं ने बैन को सही बताते हुए इसका समर्थन किया है। ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउन्सिल के चेयरमैन सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका यह मानना है कि कानून का अनुपालन और आतंकवाद की रोकथाम के लिए अगर यह कार्रवाई की गई है तो इस पर सभी को धीरज से काम लेना चाहिए। सरकार और जांच एजेंसियों के इस कदम का स्वागत करना चाहिए, क्योंकिदेश अगर सुरक्षित है तो हम सुरक्षित हैं।
उधर, अजमेर सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के वंशज एवं वंशानुगत सज्जादानशीन दीवान सैयद जैनुल आबेदीन अली खां ने एक बयान जारी कर कहा कि पीएफआई और उसके सहयोगी संगठनों पर लगे प्रतिबंध का स्वागत करता हूं। उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से पीएफआई की देश विरोधी गतिविधियों की लगातार खबरें आ रही हैं और आज जो इस पर प्रतिबंध लगा है वह देश हित में है।
