सैफई: समाजवादी पार्टी के संस्थापक, यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और देश पूर्व रक्षा मंक्षी दिग्गज नेता मुलायम सिंह यादव ( Mulayam Singh Yadav) का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के सैफई हुआ। बारिश के बीच उनके आखिरी दर्शन के लिए उमड़े जन सैलाब ने 'नेताजी अमर रहे' (Netaji amar rahe) के नारे लगाए। 'नेता जी' का निधन 82 वर्ष की आयु में सोमवार को गुरुग्राम के निजी मेदांता अस्पताल हुआ। मुलायम सिंह यादव अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के बीच 'नेताजी' के नाम से मशहूर थे।
'नेताजी' के अंतिम दर्शन के लिए, पैदल, साइकिल, बाइक, कार, एसयूवी और अन्य वाहनों में सवार सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ता और लोग आस-पास के इलाकों से सैफई पहुंचे। लोग वहां हर तरफ सफेद कपड़ों में दिख रहे है। पूरा सैफई मानो दूधिया सागर की तरह लग रहा था। उनके अंतिम दर्शन के लिए कुछ लोग पेड़ पर चढ़कर, सड़कों पर खड़े होकर, घरों की छतों पलक झपकाए बिना नम आंखों से उन्हें आखिरी विदाई दे रहे थे। कुछ अपने प्रिय नेता 'धरती पुत्र' को ले जा रहे वाहन को छूने का प्रयास कर रहे थे। कुछ मोबाइल फोन से इस पल कैमरे में कैद करने में लगे थे।
#WATCH | A large sea of people chants "Netaji amar rahein" as a vehicle carries the mortal remains of Samajwadi Par… t.co/FeXk4a1tYE
— ANI (@ANI) Oct 11, 2022
घर से अंतेष्टि स्थल की करीब एक किलोमीटर की दूरी के बीच नेताजी अमर रहे, जबतक सूरज चांद रहेगा मुलायम तेरा नाम रहेगा, नेताजी जिंदाबाद के गगनभेदी नारे लग रहे थे। अंत्येष्टि स्थल सैफई महोत्सव मैदान पर बने पंडाल में पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया। अंतिम संस्कार को लेकर चिता में प्रयोग के लिए चंदन की लकड़ी, इत्र, खुशबू, सामग्री आदि को कन्नौज से लाया गया था।
शोक में इटावा जिले के स्कूल, बाजार, प्रतिष्ठान व्यापारियों और संचालकों ने स्वेच्छा से बंद कर रखे हैं। सैफई और आसपास के इलाकों, बाहरी जिलों से लोग वाहनों में पहुं रहे हैं जिससे मार्ग अवरुद्ध हो रहे हैं। जिला प्रशासन पुलिस प्रशासन की ओर से यातायात और सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं।
मेला ग्राउंड में मुलायम को अंतिम विदाई और श्रद्धांजलि देने के लिए एक मंच बनाया गया था। इसी मंच पर नेता जी का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। इस मंच पर अखिलेश यादव के अलावा उनके चाचा शिवपाल सिंह यादव, प्रोफेसर राम गोपाल यादव समेत परिवार के कई सदस्य नजर आए। परिवार के सदस्यों ने सबसे पहले पुष्प चक्र अर्पित कर नेता जी को अंतिम विदाई दी। पूर्व सांसद डिंपल यादव समेत परिवार की महिलाएं भी मौजूद थीं। ओमप्रकाश सिंह समेत सपा के कई नेताओं ने भी यादव के अंतिम दर्शन कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव 10 बार विधायक रहे और सात बार सांसद भी चुने गए। वह तीन बार (वर्ष 1989-91,1993-95 और 2003-2007) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और 1996 से 98 तक देश के रक्षा मंत्री भी रहे। एक समय उन्हें प्रधानमंत्री पद के दावेदार के तौर पर भी देखा गया था। मुलायम सिंह के बेटे और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी (2012-2017) तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
