CJP Protest: शिक्षाविद् और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार को प्रदर्शनकारियों से शांति का रास्ता अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि शांति और केवल शांति ही मेरा रास्ता है।
शिक्षाविद् और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (फाइल फोटो)
सोनम वांगचुक का यह बयान ऐसे मौके पर आया है जब सोशल मीडिया पर कनॉट प्लेस के पास टॉलस्टाय मार्ग पर सुरक्षाकर्मियों और छात्रों के बीच हड़प के वीडियो वायरल हो रहे हैं।
असामाजिक तत्वों पर भड़के वांगचुक
सोनम वांगचुक ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण है, लेकिन यह जानकर मुझे दुख हुआ कि दूसरी जगहों पर कुछ असामाजिक तत्व शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का फायदा उठाकर हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दूसरा पक्ष चाहे कुछ भी करे, हमारी प्रतिक्रिया केवल फूलों के जरिए होनी चाहिए। हमें हर हाल में इस परंपरा को बनाए रखना है।
VIDEO संदेश किया था जारी
वांगचुक ने एक दिन पहले वीडियो संदेश जारी किया था, जिसमें वह काफी कमजोर नजर आ रहे थे। उन्होंने कहा था कि मैं अभी भी जिंदा हूं। आज मेरे अनशन का 25वां दिन है। इन 25 दिनों में मेरा लगभग 11 किलो वजन कम हो गया है और शरीर की काफी मांसपेशियां भी कम होने लगी हैं। इसके बावजूद मैं ठीक हूं। कल रात मुझे सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल लाया गया।
इस दौरान, उन्होंने छात्रों की सराहना करते हुए कहा था, ''मैं आप सभी को दाद देना चाहता हूं कि आपने इतनी शांति और संयम का परिचय दिया। खुद पर लाठियां खाते हुए भी आपने पलटकर कोई हमला नहीं किया। बहुत उकसाए जाने के बावजूद, यहां तक कि कुछ तत्वों को पत्थर फेंकने के लिए लाए जाने के बावजूद भी आपने धैर्य बनाए रखा। यह देखकर मेरा दिल पिघल गया, क्योंकि आप पर बेहद बर्बरता से हमले हो रहे थे। यही वजह थी कि मैंने अपना अनशन जारी रखने का फैसला किया था।''
जंतर-मंतर पर इंटरनेट सेवा निलंबित
इससे पहले, गृह मंत्रालय एक बार फिर जंतर-मंतर के 1.5 किलोमीटर के दायरे पर मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को निलंबित करने का निर्देश दिया। इस नए आदेश में दूरसंचार अधिनियम, 2023 और दूरसंचार (सेवाओं का अस्थायी निलंबन) नियम, 2024 के प्रावधानों के तहत केंद्रीय गृह सचिव की मंजूरी से मोबाइल इंटरनेट सेवाओं के निलंबन की अवधि गुरुवार की मध्यरात्रि तक बढ़ा दी गई।
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सनद रहे कि सीजेपी नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है और उन्हें लगातार छात्रों और विपक्षी दलों का समर्थन मिल रहा है।
