नहीं थम रही चाचा-भतीजे की तकरार, क्या चिराग-पशुपति बिहार में बनेंगे भाजपा के लिए सिरदर्द?

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 30, 2023, 07:50 AM IST

Bihar Politics: बिहार की हाजीपुर सीट को लेकर चाचा-भतीजे के बीच छिड़ी जंग कहीं भाजपा के लिए आगामी लोकसभा चुनाव में सिरदर्द ना साबित हो जाए। भाजपा ने पशुपति पारस और चिराग पासवान के बीच जितनी समझाइश की कोशिशें कीं, उन सभी पर पानी फिरता नजर आ रहा है। आखिर ऐसा क्यों हैं, इस रिपोर्ट में समझिए।

Chirag Paswan Vs Pashupati Paras: सियासत में चाचा-भतीजा की कलह का मुद्दा बड़ा मशहूर है। उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की राजनीति में इस पारिवारिक लड़ाई ने खूब सुर्खियां बटोरी। अगर जिक्र बिहार की जाए तो चाचा पशुपति पारस और भतीजे चिराग पासवान की लड़ाई सभी ने देखी। मगर इस लड़ाई में भाजपा ने सुलह की कोशिश की, जिसका कोई खास फायदा नजर नहीं आ रहा है। चाचा और भतीजे के बीच की रार अब तक कम नहीं हुई है। हाजीपुर लोकसभा सीट इस घमासान की असल जड़ है।

Chirag Paswan vs Pashupati Paras BJP in Bihar

चिराग पासवान के लिए पशुपति पारस नहीं छोड़ें हाजीपुर सीट।

क्या भाजपा के लिए बिहार में सिरदर्द बनेंगे चिराग-पशुपति?

बिहार की सियासत में रामविलास पासवान की मौत के बाद उनकी पार्टी लोजपा में जिस कदर उठापटक मची है, वो किसी से नहीं छिपी। रामविलास के भाई पशुपति पारस ने अपनी ही भतीजे चिराग पासवान को ऐसा झटका दिया कि जूनियर पासवान के पैरों तले जमीन खिसक गई। ये सबकुछ रामविलास के निधन के बाद हुआ था। चाचा-भतीजे की लड़ाई ने उस वक्त काफी सुर्खियां बटोरी थी। चिराग पासवान और पशुपति पारस के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने में भाजपा ने अहम भूमिका निभाई। एनडीए की बैठक में दोनों शामिल हुए और गले मिले। मगर दोनों के बीच हाजीपुर सीट को लेकर घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। विवाद इस कदर बढ़ गया है कि चाचा कुछ भी सुनने और समझने को तैयार तक नहीं है।

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