UCC News : समान नागरिक संहिता (UCC) पर संसदीय समिति की आज एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। यह बैठक कार्मिक, कानून एवं न्याय पर संसद की स्थायी समिति की ओर से बुलाई गई है। इस बैठक के दौरान समिति यूसीसी पर अन्य दलों के नेताओं के विचार सुनेगी। इस समिति के अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद सुशील मोदी हैं। सुशील मोदी ने कहा कि तीन जुलाई को होने वाली इस बैठक में यूसीसी पर सभी 31 सांसदों एवं समिति के सदस्यों के विचार मांगे जाएंगे।
यूसीसी का विरोध कर रहे कई दल
यूसीसी का विरोध कई दलों की ओर से हो रहा है। इनमें सबसे प्रमुख हैं ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी। ओवैसी ने रविवार को यूसीसी को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा और कहा कि यूसीसी के नाम पर प्रधानमंत्री ‘हिंदू सिविल कोड’ लाना चाहते हैं, जिसका हम पुरजोर विरोध करते हैं, जबकि कांग्रेसी नेताओं ने चुप्पी साध रखी है।
'यूसीसी का मकसमद किसी धर्म को निशाना बनाना नहीं'
यूसीसी को लेकर उठ रही आशंकाओं के बीच उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि इसका किसी धर्म या जाति को निशाना बनाने के लिए नहीं है। अंसारी ने समान नागरिक संहिता की जमकर पैरोकारी की और कहा कि मोदी सरकार पर मुसलमानों को पूरा भरोसा है और मुस्लिम समाज को गुमराह कर अपनी राजनैतिक रोटियां सेंकने वाले चंद लोगों के दिन अब खत्म हो गए हैं।
मानसून सत्र में यूसीसी पर आ सकता है विधेयक
बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ दिनों पहले भोपाल की रैली में यूसीसी पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि एक देश में दो कानून नहीं होने चाहिए। यूसीसी के बारे में उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग लोगों को गुमराह कर रहे हैं। पीएम के इस बयान के बदा यूसीसी पर चर्चा ने जोर पकड़ ली है। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा अपनी सरकार की नाकामियों से ध्यान भटकाने के लिए ‘विभाजनकारी’ और ‘ध्रुवीकरण करने वाले’मुद्दे उठा रही है। सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा है कि सरकार मानसून सत्र में यूसीसी विधेयक पेश कर सकती है। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो रहा है। यह सत्र 11 अगस्त तक चलेगा।
