Parliament of India New Building Design: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मई 2023 को नई संसद भवन का उद्घाटन किया। सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत बने नए संसद भवन की डिजाइन विदिशा के परमार कालीन विजय सूर्य मंदिर के मॉडल जैसी है। विदिशा के इस विजय सूर्य मंदिर का निर्माण परमार काल के शासक राजा कृष्ण के प्रधानमंत्री चालुक्य वंशी वाचस्पति ने 11 वीं सदी में कराया था।
New Parliament Building Design: विजय सूर्य मंदिर जैसा नया संसद भवन
परमार शैली में बना था विजय सूर्य मंदिर
मंदिर का निर्माण परमार शैली के अनुरूप भव्य विशाल पत्थरों पर अंकित परमारकालीन राजाओं की गाथाओं से किया गया था। मंदिर 150 गज ऊंचा था बताया जाता है। मंदिर की भव्यता और विशालता मुगल शासकों को शुरू से ही खटकती रही और 17वीं शताब्दी में मुगल शासक औरंगजेब ने इस मंदिर को पूरी तरह लूट और तोड़कर ज्यादातर मूर्तियों को बर्बाद कर दिया।
मंदिर के कुछ अवशेषों पर बनाई गई मस्जिद
मंदिर के कुछ अवशेषों को दफन कर उसके ऊपर मस्जिद का निर्माण कराया गया। 1934 की खुदाई में मंदिर के अवशेष मिलने पर यह मामला प्रकाश में आया और गहरी खुदाई पर मंदिर रूपी एक भव्य इमारत सामने आई। उसके बाद आरकेलॉजिक डिपार्टमेंट ने पूरी जगह को अपने हैंडोवर ले लिया।
प्राचीन विजय सूर्य मंदिर के गेट जैसे नई लोकसभा का प्रवेश द्वार
फिलहाल मंदिर के पट बंद है। मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। हाल ही में बीजेपी प्रवक्ता हितेश वाजपेई ने सोशल मीडिया के माध्यम से नई लोकसभा के डिजाइन का विजय सूर्य मंदिर से लिया जाना बताया गया है। कहा जा रहा है कि विजय सूर्य मंदिर विदिशा की तर्ज पर नई लोकसभा का निर्माण हुआ है। प्राचीन विजय सूर्य मंदिर के गेट पर निर्मित दो विशाल स्तंभ नई लोकसभा के प्रवेश द्वार से मेल खाते हैं।
