LIVELok Sabha Updates: 22 मिनट में 22 अप्रैल का बदला लिया- लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर बोले पीएम मोदी, विपक्ष पर जमकर बरसे

Lok Sabha Updates: 22 मिनट में 22 अप्रैल का बदला लिया- लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर बोले पीएम मोदी, विपक्ष पर जमकर बरसे
Debate On Operation Sindoor In Lok Sabha: लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम आतंकी हमले पर चर्चा हो रही है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में 'ऑपरेशन सिंदूर' पर चर्चा में भाग लेते हुए मंगलवार को लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को जवाब दिया। उन्होंने लोकसभा में कहा कि दुनिया के किसी भी देश ने भारत को अपनी सुरक्षा में कार्रवाई करने से नहीं रोका था। इससे पहले सदन में ऑपरेशन सिंदूर पर आज गृह मंत्री अमित शाह ने बयान दिया। ऑपरेशन महादेव पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ऑपरेशन महादेव में सुलेमान उर्फ फैजल, अफगान और जिब्रान, ये तीनों आतंकवादी भारतीय सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त अभियान में मारे गए। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने आज लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर सरकार को जमकर घेरा। ऑपरेशन सिंदूर पर बहस के सपा सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि आखिर ऐसी क्या वजह थी कि सरकार को युद्धविराम की घोषणा करनी पड़ी? लोकसभा में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने ऑपरेशन सिंदूर पर बहस में हिस्सा लिया। प्रियंका ने सेना की तारीफ करते हुए सरकार से कई सवाल पूछे। किसने क्या कहा,जानिए हर अपडेट...
'खून और पानी साथ-साथ नहीं, दुनिया के किसी देश ने भारत को नहीं रोका...' बोले पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर बोलते हुए विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। पीएम मोदी ने एक ओर जहां ऑपरेशन सिंदूर पर बात की तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पर दुष्प्रचार का भी आरोप लगया। पीएम मोदी ने आज सदन में साफ कर दिया कि सीजफायर में किसी भी देश का हाथ नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया के किसी भी नेता ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को नहीं रुकवाया। उन्होंने कहा कि 9 मई की रात और 10 मई की सुबह हमने पाकिस्तान की सैन्य शक्ति को तहस-नहस कर दिया था। आज पाकिस्तान भी जान गया है कि भारत का हर जवाब पहले से ज्यादा तगड़ा होता है। उसे ये भी पता है कि भविष्य में नौबत आई तो भारत आगे कुछ भी कर सकता है। इसलिए मैं फिर से लोकतंत्र के इस मंदिर में दोहराना चाहता हूं कि 'ऑपरेशन सिंदूर' जारी है। अगर पाकिस्तान ने दुस्साहस की, कल्पना की तो, उसे करारा जवाब दिया जाएगा।
सिंदूर से लेकर सिंधु तक....सेना ने '22 मिनट में लिया 22 अप्रैल का बदला'
लोकसभा में मंगलवार को 'ऑपरेशन सिंदूर' पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी और राहुल गांधी ने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर सवाल किया। उनके सवालों के जवाब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 22 अप्रैल के बाद मैंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि यह हमारा संकल्प है कि हम आतंकियों को मिट्टी में मिला देंगे। सजा उनके आकाओं को भी मिलेगी... और ऐसी सजा मिलेगी जो कल्पना से भी बड़ी होगी। हमारी सेना ने सिंदूर से लेकर सिंधु तक सेना को कार्रवाई की खुली छूट दी गई और हमारी सेना ने ऐसा करारा जवाब दिया कि आतंक के आकाओं की नींदे उड़ गई। 6 और 7 मई की वो रात जब हमारी सेना ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए पाकिस्तान के नापाक इरादों को मिट्टी में मिला दिया।
लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर बोले पीएम मोदी, विपक्ष पर बरसे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा में भाग लेते हुए विपक्ष के आरोपों पर जवाब दे रहे हैं। पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत से ही विपक्ष पर हमलावर रहे। पीएम मोदी ने कहा कि वो भारत का पक्ष रखने के लिए सदन में खड़े हुए हैं। ये भारत के गौरव के गान का सत्र है। पीएम मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान जिस प्रकार से देश के लोगों ने मेरा साथ दिया, मुझे आशीर्वाद दिया, देश की जनता का मुझ पर कर्ज है। मैं देशवासियों का आभार व्यक्त करता हूं, मैं देशवासियों का अभिनंदन करता हूं।
'यह शर्म की बात है, उन्हें माफी मांगनी चाहिए, मैं इसे ऐसे ही नहीं छोड़ने वाला...' भड़क उठे खरगे
'मैं उनका दर्द समझ सकता हूं। वह (प्रधानमंत्री मोदी) 11 साल से वहां हैं। वह दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता हैं...'
डीएमके सांसद के. कनिमोझी ने कहा, 'वह बस दोष किसी और पर मढ़ने की कोशिश कर रहे थे...'
पहलगाम हमला किसकी चूक से हुआ, गृह मंत्री ने क्यों नहीं दिया इस्तीफा? प्रियंका के तीखे सवाल
लोकसभा में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने ऑपरेशन सिंदूर पर बहस में हिस्सा लिया। प्रियंका ने सेना की तारीफ करते हुए सरकार से कई सवाल पूछे। प्रियंका ने कहा, देश के वीर जवानों को नमन, सेना पर पूरे देश को गर्व। देश को अखंड रखने में सेना का योगदान है। पहलगाम हमला क्यों और कैसे हुआ? सरकार कह रही थी कि घाटी में अमन है। आतंकियों ने चुन-चुनकर 26 लोगों को मारा। प्रियंका ने अपने भाषण में उत्तर प्रदेश के शुभम और उनके परिवार का भी जिक्र किया।
'जब घाटी में जीरो टेरर पॉलिसी थी तो पहलगाम में कैसे घुसे आतंकी? '
लोकसभा में प्रियंका गांधी का भाषण
बैसरन घाटी में एक भी सुरक्षाकर्मी नहीं था
प्रियंका ने कहा, परिवार ने कहा कि जब लोगों चुन-चुनकर मारा जा रहा था तो एक भी सुरक्षाकर्मी नहीं था। उनकी पत्नी ने कहा, जब हमें मारा जा रहा था तो वहां एक भी सुरक्षाकर्मी नहीं था, हमें अनाथ छोड़ दिया गया। प्रियंका ने पूछा- वहां सुरक्षा क्यों नहीं थी, क्या पता नहीं था कि वहां रोजाना 5-6 हजार पर्यटक जाते हैं। सरकार ने उन्हें भगवान भरोसे छोड़ दिया। क्या उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री की नहीं है, गृह मंत्री की नहीं है, एनएसए की नहीं है। कुछ महीने पहले गृह मंत्री कश्मीर गए थे, उन्होंने कहा था कि आतंकवाद पर विजय प्राप्त हुई है। जम्मू-कश्मीर गर्वनर ऐसे ही कह देते हैं, बहुत लापरवाही हुई और मैं जिम्मेदार हूं। प्रियंका ने कहा, ये बात यूं ही खत्म हो जाती है, उनसे जिम्मेदारी नहीं ली जाती। बात आई-गई हो जाती है।
सरकार कह रही थी कि घाटी में अमन है- प्रियंका वाड्रा
लोकसभा में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वा़ड्रा बोल रही हैं। प्रियंका ने कहा, देश के वीर जवानों को नमन, सेना पर पूरे देश को गर्व। देश को अखंड रखने में सेना का योगदान। पहलगाम हमला क्यों और कैसे हुआ। सरकार कह रही थी कि घाटी में अमन है। आतंकियों ने चुन-चुनकर 26 लोगों को मारा। प्रियंका ने अपने भाषण में उत्तर प्रदेश के शुभम और उनके परिवार का जिक्र किया।
सुरक्षा चूक की जिम्मेदारी कौन लेगा? अखिलेश ने पूछा
ऑपरेशन सिंदूर पर बहस में बोलते हुए, सपा सांसद अखिलेश यादव ने कहा, सबसे बड़ा सवाल यह है कि सुरक्षा चूक की जिम्मेदारी कौन लेगा?...जो सरकार दावा करती है कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद कोई आतंकवादी घटना नहीं होगी।
अखिलेश ने पूछा, सरकार को युद्धविराम की घोषणा क्यों करनी पड़ी?
लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर बहस के दौरान सपा सांसद अखिलेश यादव ने कहा, आखिर ऐसी क्या वजह थी कि सरकार को युद्धविराम की घोषणा करनी पड़ी? हमें तो उम्मीद थी कि सरकार खुद ही इसकी घोषणा कर देगी। लेकिन चूंकि उनकी गहरी दोस्ती है, इसलिए सरकार ने अपने दोस्त से ही युद्धविराम की घोषणा करने को कहा।
पाकिस्तान के पास आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था
भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, पाकिस्तान के छह रडार सिस्टम नष्ट कर दिए गए... उन्होंने हमारे रिहायशी इलाकों पर हमला किया, लेकिन हमने ऐसा नहीं किया... हमने केवल उनके हवाई ठिकानों पर हमला किया और उनकी हमलावर क्षमताओं को बर्बाद कर दिया। हमारे सशस्त्र बल बरकरार थे। और उनकी हमलावर क्षमता नष्ट कर दी गई। पाकिस्तान के पास आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। 10 मई को पाकिस्तानी डीजीएमओ ने हमारे डीजीएमओ को फोन किया और हमने शाम 5 बजे संघर्ष रोक दिया।
अमित शाह बोले- हम चुपचाप बैठकर डोजियर नहीं भेजेंगे
डोकलाम हमले के दौरान राहुल गांधी चीनी राजदूत के साथ बैठक कर रहे थे
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, आज चीन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में है और भारत नहीं है। मोदी जी पूरी कोशिश कर रहे हैं कि भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का हिस्सा बने। इसके लिए जवाहरलाल नेहरू का रुख जिम्मेदार है... जब हमारे जवान डोकलाम में चीनी सैनिकों का सामना कर रहे थे, तब राहुल गांधी चीनी राजदूत के साथ बैठक कर रहे थे... चीन के लिए यह प्रेम जवाहरलाल नेहरू, सोनिया गांधी, राहुल गांधी से तीन पीढ़ियों तक चला आ रहा है।
यह मनमोहन सिंह की सरकार नहीं है; हम चुपचाप बैठकर डोजियर नहीं भेजेंगे
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, वे कल पूछ रहे थे कि पहलगाम के अपराधी कहां गए... आपके कार्यकाल के दौरान जो लोग छिपे हुए थे, उन्हें आज ढूंढ-ढूंढ कर मारा जा रहा है... हमारी सेना ने कम से कम 100 लोगों को मार गिराया है... 7 मई को हमारा काम 1.26 बजे पूरा हो गया... यह मनमोहन सिंह की सरकार नहीं है; हम चुपचाप बैठकर डोजियर नहीं भेजेंगे... 9 मई को पाकिस्तान के 11 हवाई ठिकानों को नष्ट कर दिया गया... आठ हवाई ठिकानों पर हमला इतना सटीक था कि इसने पाकिस्तान की वायु रक्षा प्रणाली को हिला दिया।
सोनिया गांधी ने बाटल हाउस मुठभेड़ पर आंसू बहाए
अमित शाह ने कहा- इकबाल भटकल 2010 में कांग्रेस सरकार में भागा था। यूपीए सरकार में कई आतंकी देश से भागे। मोदी सरकार में 70 फीसदी कम आतंकी हमले हुए। सोनिया गांधी ने बाटला हाउस मुठभेड़ पर आंसू बहाए थे जबकि सलमान खुर्शीद आतंकियों के लिए रोए थे।
पीओके केवल जवाहरलाल नेहरू की वजह से मौजूद है
अमित शाह ने कहा, कल वे (कांग्रेस) सवाल उठा रहे थे कि युद्ध क्यों नहीं हुआ...आज, पीओके केवल जवाहरलाल नेहरू की वजह से मौजूद है...1960 में उन्होंने सिंधु नदी का 80% पानी पाकिस्तान को दे दिया...1971 में शिमला समझौते के दौरान, वे (कांग्रेस) पीओके के बारे में भूल गए। अगर उन्होंने उस समय पीओके ले लिया होता, तो हमें अब वहां शिविरों पर हमले नहीं करने पड़ते।
अमित शाह ने चिदंबरम पर उठाया सवाल