संसद परिसर में राम मंदिर के कथित चंदा गबन के विरोध में किए गए सांकेतिक प्रदर्शन को लेकर राजनीति काफी गरमा गई है। प्रदर्शन के दौरान निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने भगवा वस्त्र पहनकर एक पुजारी की भूमिका निभाई थी, जिसमें उन्होंने दानपात्र से पैसे जेब में रखने का अभिनय कर कथित चोरी को दर्शाया था। इस मामले में भाजपा नेताओं की शिकायत पर वाराणसी, दिल्ली और जहांगीरपुरी में राहुल गांधी, अवधेश प्रसाद और पप्पू यादव के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने की एफआईआर दर्ज कराई गई है।
FIR के बाद पप्पू यादव का सरकार पर तीखा हमला
अपने खिलाफ केस दर्ज होने के बाद पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने बिहार में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा और पुलिस कार्रवाई पर करारा हमला बोला। उन्होंने बेहद आक्रामक अंदाज में सवाल उठाते हुए कहा, "क्या मुझे भगवा वस्त्र पहनने का अधिकार नहीं है? राहुल गांधी या प्रियंका गांधी कभी एफआईआर से नहीं डरे, तो पप्पू यादव कैसे डर सकता है?" उन्होंने कहा कि सनातन और ईश्वर के साथ छल करने वालों से देश और धर्म की आस्था को बचाने के लिए वे हर दिन अपनी जान हथेली पर लेकर चलते हैं। पप्पू यादव ने आगे कहा कि 'मैं कोई खीरा-ककड़ी हूं क्या? अगर मेरे बच्चों को मेरे बच्चों को इसमें घसीटना ठीक नहीं। मैं दिल्ली आ रहा हूं।
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क्या चोरों का पर्दाफाश करना गलत है-पप्पू यादव
पप्पू यादव ने साफ किया कि उनका मकसद किसी की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि मंदिरों में मिलने वाले दान और श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा करना था। उन्होंने कहा, "क्या मंदिर के पैसों को लूटने वालों का पर्दाफाश करना गलत है? क्या एक अरब से अधिक लोगों की आस्था और चढ़ावे की सुरक्षा की बात करना गुनाह है?"
'गोली खानी को भी तैयार'
उन्होंने विरोधियों को सीधे शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि बीजेपी नेता जो कहना चाहते हैं कहते रहें, इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। इस लड़ाई में चाहे जितना विरोध हो या उन्हें गोली ही क्यों न खानी पड़े, वे सनातन धर्म के नाम पर लूट करने वालों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद रखते रहेंगे।
