Indian Navy News: भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने अपनी सेवानिवृत्ति से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) से मुलाकात की और देश की समुद्री सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर जानकारी दी। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब एडमिरल त्रिपाठी (Admiral Dinesh K Tripathi) 31 मई को अपने पद से सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। मुलाकात के दौरान नौसेना प्रमुख ने प्रधानमंत्री को हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) की मौजूदा सुरक्षा स्थिति के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने समुद्री क्षेत्र में तेजी से बदलती परिस्थितियों, नई चुनौतियों और आधुनिक तकनीकों के बढ़ते प्रभाव पर भी चर्चा की। इसके साथ ही भारतीय नौसेना की वर्तमान तैयारियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी भी प्रधानमंत्री के साथ साझा की गई।
एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने पीएम मोदी से की अहम मुलाकात
भारतीय नौसेना हर परिस्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार-एडमिरल त्रिपाठी
भारतीय नौसेना ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस मुलाकात की जानकारी दी। नौसेना के अनुसार, एडमिरल त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री को बताया कि भारतीय नौसेना हर परिस्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है और देश के समुद्री हितों की रक्षा के लिए लगातार काम कर रही है। नौसेना ने यह भी दोहराया कि वह एक मजबूत, आत्मनिर्भर और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार बल के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभा रही है।
इस दौरान समुद्री क्षेत्र में उभरती नई चुनौतियों, सुरक्षा खतरों और तकनीकी बदलावों पर विशेष रूप से चर्चा हुई। हिंद महासागर क्षेत्र भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और यहां की सुरक्षा देश के व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और राष्ट्रीय हितों से सीधे जुड़ी हुई है।
कृष्णा स्वामीनाथन होंगे भारतीय नौसेना का अगला प्रमुख
उधर, रक्षा मंत्रालय पहले ही उप नौसेना प्रमुख वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को भारतीय नौसेना का अगला प्रमुख नियुक्त कर चुका है। वह एडमिरल त्रिपाठी के सेवानिवृत्त होने के बाद यह जिम्मेदारी संभालेंगे। वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन भारतीय नौसेना के अनुभवी अधिकारियों में गिने जाते हैं। उन्होंने नौसेना में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है और समुद्री सुरक्षा तथा रणनीतिक मामलों का लंबा अनुभव रखते हैं। वे वर्तमान में पश्चिमी नौसेना कमान के प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। एडमिरल त्रिपाठी की सेवानिवृत्ति के साथ भारतीय नौसेना में नेतृत्व परिवर्तन होने जा रहा है। ऐसे में यह बैठक देश की समुद्री सुरक्षा और भविष्य की रणनीतियों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
