TMC Rebel Ritabrata Banerjee Exclusive Interview: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने अपनी पार्टी के नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोला है। हाल ही में ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष का नेता नियुक्त किया है। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई पार्टी के भीतर पनपी 'बॉसिंग संस्कृति' के खिलाफ है।
तृणमूल कांग्रेस के बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी
टाइम्स नाउ और टाइम्स नाउ नवभारत की ग्रुप एडिटर इन चीफ नाविका कुमार के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में ऋतब्रत बनर्जी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में किसी के लिए भी अभिषेक बनर्जी से संपर्क करना नामुमकिन हो चुका है।
उन्होंने बताया, ''एक दफा 5 बार के वरिष्ठ विधायक को अभिषेक बनर्जी से मिलने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा और अंत में उनके सचिव ने कह दिया कि आज बॉस नहीं मिल सकते हैं। हमारी लड़ाई इसी बॉसिंग संस्कृति के खिलाफ है। आपको इंसानों के साथ इंसानों जैसा व्यवहार करना होगा।''
'क्या अब आप असली टीएमसी, पार्टी के चुनाव चिह्न और मान्यता पर अपना दावा ठोकेंगे?' इस सवाल पर ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, ''मेरी पूरी लड़ाई 'मैं' के खिलाफ है... और किसी एक व्यक्ति के खिलाफ है। यह एक सामूहिक संघर्ष है...इसलिए, आज यहां बैठे हुए, मैं आपको कुछ नहीं बता सकता, क्योंकि हमने अभी तक किसी भी चीज पर चर्चा नहीं की है।''
ऋतब्रत बनर्जी ने टीएमसी में अपनी भूमिका को समझाते हुए फुटबॉल टीम का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, ''जब मैं पार्टी का प्रतिनिधित्व करता हूं, तो यह वास्तव में एक टीम होती है, जैसे एक फुटबॉल टीम हो। संयोगवश, इस फुटबॉल टीम में, मैं एक ऐसी पोजीशन पर हूं जिसे 'विपक्ष का नेता' कहा जाता है। अखरुज्जमां एक ऐसी पोजीशन पर हैं जिसे चीफ व्हिप या विपक्ष का मुख्य सचेतक कहा जाता है।"
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'परिवादवाद के खिलाफ है हमारी लड़ाई'
इस दौरान, ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, ''यह एक सामूहिक प्रयास है। यह लड़ाई व्यक्तिगत पहचान के खिलाफ है। यह लड़ाई व्यक्तिवाद के खिलाफ है। हमारी लड़ाई परिवादवाद और वंशवादी राजनीति के खिलाफ है। हमारी टीम में 5,6 और 7 बार के कई वरिष्ठ विधायक शामिल हैं। इन विधायकों ने हमें स्पष्ट रूप से बताया कि पिछले 15 सालों में उन्हें कभी भी पार्टी नेतृत्व से सीधी बातचीत का मौका ही नहीं मिला।"
अभिषेक पर जमकर बरसे ऋतब्रत
उन्होंने आगे कहा, "अभिषेक बनर्जी के मामले में ऐसा लगता है जैसे सभी रास्ते उन्हीं तक जाकर खत्म होते हैं, लेकिन उनसे संपर्क करना मुश्किल है। कुछ विधायकों ने बताया कि उन्होंने अभिषेक बनर्जी से मिलने के लिए उनके कार्यालय में 5 घंटे इंतजार किया, लेकिन उनके सचिव ने कहा कि आज उनसे मुलाकात नहीं हो सकती। इसलिए, हमारी लड़ाई इस तानाशाही संस्कृति के खिलाफ है। हमें इंसानों के साथ इंसानियत से पेश आना चाहिए।
जब ऋतब्रत बनर्जी से सवाल किया गया कि क्या 'दीदी' को यह नहीं पता था कि अभिषेक बनर्जी पार्टी पर अपना दबदबा बनाने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर रहे हैं और उनके नेतृत्व में भ्रष्टाचार हो रहा था ? इस पर उन्होंने कहा, ''ममता बनर्जी यह बात जानती हैं या नहीं, इस बारे में वह कुछ नहीं कह सकते हैं, क्योंकि सब कुछ अभिषेक बनर्जी के हाथों में ही था।''
ऋतब्रत बनर्जी ने आगे कहा, ''हमारे विधायक दल ने स्पष्ट रूप से कहा है और मीडिया से माध्यम से सार्वजनिक रूप से ममता बनर्जी से अनुरोध किया है कि दीदी हमारी मुख्य सलाहकार की भूमिका में रहें।''
