Confidential Information Breach: उत्तर प्रदेश के आतंकवाद रोधी दस्ते (ATS) ने फिरोजाबाद जिले के हजरतपुर स्थित आयुध निर्माण इकाई में कार्यरत एक व्यक्ति को संवेदनशील और गोपनीय जानकारी एक पाकिस्तानी एजेंट को भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया है। एटीएस ने शुक्रवार को एक बयान में बताया कि गुरुवार को पकड़ा गया आरोपी 'फेसबुक' के जरिये पाकिस्तानी एजेंट के संपर्क में था।
गोपनीय जानकारियां (प्रतीकात्मक तस्वीर)
क्या है पूरा मामला?
बयान के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से एटीएस को सूचना मिल रही थी कि पाकिस्तानी जासूसी एजेंसी के संचालक छद्म नाम का इस्तेमाल कर विदेश मंत्रालय के कर्मचारियों को गोपनीय तथा संवेदनशील जानकारियां हासिल करने के लिए उन्हें धन का लालच दे रहे हैं।
बयान में कहा गया, ''गहन जांच में पाया गया कि फिरोजाबाद जिले के हजरतपुर स्थित आयुध निर्माण इकाई में चार्जमैन के पद पर नियुक्त रवींद्र कुमार एक पाकिस्तानी एजेंट को संवेदनशील और गोपनीय जानकारी भेज रहा था। कुमार उस एजेंट से फेसबुक के माध्यम से जुड़ा था।''
पूछताछ के बाद चार्जमैन गिरफ्तार
बयान के अनुसार, गुरुवार 13 मार्च को एटीएस की आगरा फील्ड यूनिट द्वारा शुरुआती पूछताछ के बाद कुमार को लखनऊ स्थित एटीएस मुख्यालय लाया गया। पूछताछ में उसके फोन से पाकिस्तानी एजेंट को भेजे गए संवेदनशील और गोपनीय दस्तावेज बरामद हुए। इस बारे में पूछे जाने पर वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इस पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
बयान के मुताबिक, पूछताछ में कुमार ने बताया है कि वह 2009 से फिरोजाबाद के हजरतगंज स्थित इकाई में चार्जमैन के पद पर कार्यरत है। जून-जुलाई 2024 में फेसबुक के जरिए उसकी दोस्ती नेहा शर्मा नामक पाकिस्तानी एजेंट से हुई, जिससे वह अक्सर व्हाट्सऐप, ऑडियो कॉल और वीडियो कॉल के जरिए बात करता था।
व्हाट्सऐप से भी भेजता था जानकारी
एटीएस के मुताबिक, कुमार अमीर बनने के लालच में गोपनीय सूचनाएं भेजता था। कुमार ने यह भी बताया कि वह अक्सर व्हाट्सऐप चैट को डिलीट कर देता था, लेकिन कुछ चैट और गोपनीय दस्तावेज फोन में रह जाते थे।
बयान के अनुसार आरोपी के पास से पांच गोपनीय दस्तावेज, 6220 रुपये, एक मोबाइल फोन, एक एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड और पैन कार्ड बरामद किए गए हैं। कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और शासकीय गोपनीयता अधिनियम 1923 की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
