Opposition Patna meeting : 2024 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ मोर्चा तैयार करने के लिए पटना में विपक्ष के करीब 15 दलों की बैठक हुई। बिहार के सीएम एवं जद-यू नेता नीतीश कुमार की अगुवाई में विपक्ष के नेता जुटे। सूत्रों का कहना है कि बैठक में विपक्षी एकता के लिए किसी कॉमन एजेंडे और कांग्रेस की भूमिका पर एक रूपरेखा तय हो सकती है। इस बैठक में कांग्रेस की तरफ से मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे और शरद पवार जैसे बड़े नेता शामिल हुए हैं।
संसद में किसके पास कितनी सीटें
| पार्टी | लोकसभा | राज्यसभा |
| डीएमके | 23 | 10 |
| टीएमसी | 22 | 12 |
| शिवसेना | 18 | 03 |
| जद-यू | 16 | 05 |
| एनसीपी | 04 | 04 |
| माकपा | 03 | 05 |
| सपा | 03 | 03 |
| एनसीपी | 03 | 00 |
| भाकपा | 02 | 02 |
| AAP | 01 | 10 |
| जेएमएम | 01 | 02 |
| राजद | 00 | 06 |
| सीपीआईएमएल | 00 | 00 |
| पीडीपी | 00 | 00 |
क्या कांग्रेस करेगी समझौता?
विपक्ष के इन सभी नेताओं का कहना है कि 2024 में भाजपा को हराने के लिए उन्हें एकजुट होना होगा। कांग्रेस भी विपक्षी एकजुटता पर जोर दे रही है। विपक्ष की इस कवायद पर राजनीति के जानकारों का कहना है कि विपक्षी एकजुटता की बात कहना और धरातल की राजनीति दो अलग-अलग चीजें हैं। सबसे बड़ी बात विपक्ष के नेतृत्व एवं सीटों के बंटवारे को लेकर होगा। कोई भी दल अपनी महात्वाकांक्षा एवं चुनावी जीत की संभावना से समझौता करने के पक्ष में नहीं है।
ममता ने कांग्रेस के लिए दिया है फॉर्मूला
ममता बनर्जी ने कांग्रेस के लिए एक अलग फॉर्मूला सुझाया है। ममता का कहना है कि कांग्रेस को उन्हीं सीटों पर चुनाव लड़ना चाहिए जिन पर उसने जीत दर्ज किया है और बीजेपी के खिलाफ रनर रही है। ऐसे में तो कांग्रेस हिंदी बेल्ट के राज्यों उत्तर प्रदेश एवं बिहार में बहुत बड़ा समझौता करना होगा। पश्चिम बंगाल जैसे राज्य में भी उसे ममता ज्यादा सीटें देने के मूड में नहीं हैं। देश की सबसे पुरानी पार्टी को यह फॉर्मूला शायद ही पसंद आए। कांग्रेस के लिए दूसरी अड़चन पंजाब और दिल्ली है। क्या कांग्रेस आम आदमी पार्टी के लिए यहां की सभी सीटें छोड़ देगी। यूपी में अखिलेश यादव कांग्रेस के लिए ज्यादा राजनीतिक जमीन छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं।
विपक्षी एकता में कई पेंच हैं
कहने का मतलब है कि विपक्ष में ऐसे कई गंभीर पेंच हैं जिन्हें सुलझाए बिना चुनाव में विपक्ष की एकता परवान नहीं चढ़ पाएगी। बहरहाल आज की पटना बैठक से क्या निकलता है, इससे बहुत कुछ विपक्ष की भावी रणनीति की तस्वीर साफ होगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष की इस बैठक पर हमला बोलते हुए कहा है कि यह कुछ और नहीं बल्कि फोटो सेशन है। शाह ने कहा है कि विपक्ष के लोग चाहें जितना हाथ मिला लें, उनके बीच एकता संभव नहीं।
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