वोट चोरी के आरोप पर CEC ज्ञानेश कुमार पर विपक्ष हमलावर है। राहुल गांधी, अखिलेश यादव, DMK के बाद ममता बनर्जी ने भी उनके खिलाफ मोर्चा खोलते हुए राज्य में दोबारा चुनाव कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की देखरेख में हुए 2026 के विधानसभा चुनाव में गड़बड़ी हुई थी। वहीं राहुल गांधी ने चुनाव आयोग, बीजेपी और आरएसएस पर 'वोट चोरी' में शामिल होने का आरोप लगाया और कहा कि यह प्रक्रिया संविधान पर हमला है।
ममता बनर्जी ने राज्य में दोबारा चुनाव कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की देखरेख में हुए 2026 के विधानसभा चुनाव में गड़बड़ी हुई थी; कुमार ने ही चुनावों और मतदाता सूची के 'विशेष गहन संशोधन' (SIR) की निगरानी की थी। उन्होंने कुमार की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की भी मांग की। बनर्जी ने कहा, 'BJP और ज्ञानेश कुमार एक जॉइंट वेंचर कंपनी की तरह हैं। उन्होंने मिलकर बंगाल चुनाव में धांधली की। अगर आपमें थोड़ी भी नैतिकता है, तो हमारा चुनाव हमें वापस लौटा दें।'
सत्ताधारी BJP के पक्ष में काम करने वाली प्रक्रिया बताया
उनके ये बयान भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 15 साल के शासन को खत्म करने के कुछ महीनों बाद आए हैं। तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ने अब अपनी चुनावी हार को SIR प्रक्रिया से जोड़ा है और इसे सत्ताधारी BJP के पक्ष में काम करने वाली प्रक्रिया बताया है। उन्होंने CEC कुमार और BJP पर मिलीभगत का आरोप लगाया और कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान चुनाव आयोग ने पार्टी को बचाया।
वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को भारत के चुनाव आयोग (ECI) पर अपना हमला तेज कर दिया। यह हमला मतदाता सूची के चल रहे 'विशेष गहन संशोधन' (SIR) को लेकर चुनाव आयोग के भीतर मतभेदों की खबरों के बाद किया गया। इस कथित मतभेद पर प्रतिक्रिया देते हुए, गांधी ने चुनाव आयोग, बीजेपी और आरएसएस पर 'वोट चोरी' में शामिल होने का आरोप लगाया और कहा कि यह प्रक्रिया संविधान पर हमला है।
गांधी ने बुधवार को एक पोस्ट में कहा, 'वोट चोरी भारत के लोगों के खिलाफ एक अपराध है और हमारे संविधान पर सीधा हमला है। बीजेपी, आरएसएस और चुनाव आयोग, जिन्होंने इसे आयोजित किया, उन्होंने देशद्रोह का काम किया है...'
CEC अपनी राय को ECI का 'निर्णय' कैसे बना सकते हैं?
विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेंद्र कुमार पर 'समझौता करने' (यानी निष्पक्ष न होने) का आरोप लगाया और कहा कि वह बीजेपी के पक्ष में काम कर रहे हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट ने बार-बार कहा है कि अगर निर्णय लेने की प्रक्रिया में खामी है या वह गलत है, तो निर्णय भी गलत होगा... अगर दो चुनाव आयुक्तों ने विपरीत राय रखी है, तो मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) अपनी राय को ECI का 'निर्णय' कैसे बना सकते हैं? हाल के वर्षों में ECI के सभी निर्णयों की संसदीय समिति द्वारा समीक्षा की जानी चाहिए। साथ ही, पूरे देश में SIR प्रक्रिया को तुरंत रोक दिया जाना चाहिए।'
लोकतंत्र के लिए बहुत खतरनाक और घातक स्थिति-बोले अखिलेश
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने लिखा: 'यह बेहद गंभीर खबर है... इसका सीधा मतलब है कि सभी चुनाव आयुक्त अपनी सही ज़िम्मेदारियां नहीं निभा पा रहे हैं। अगर किसी स्वतंत्र संस्था के सदस्यों को सही काम करने की आजादी न हो या उनकी बात न सुनी जाए, तो यह लोकतंत्र के लिए बहुत खतरनाक और घातक स्थिति है। सत्ता में बैठे लोगों के हाथों की कठपुतली बनकर लोकतंत्र के साथ धोखा करना एक गंभीर संवैधानिक अपराध है। यह लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश से कम नहीं है।'
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AAP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोला
आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अरविंद केजरीवाल समेत AAP के नेताओं ने पूरे SIR अभियान को अवैध बताते हुए इसे रद्द करने और CEC ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार करने की मांग की है। वहीं डीएमके नेता टी.के.एस. एलंगोवन ने भी SIR प्रक्रिया पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार इसका इस्तेमाल 'मुसलमानों को देश से हटाने और भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने' के लिए कर रही है।
'ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयोग को 'वन मैन शो' बना दिया'
TMC की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने कहा कि रिपोर्ट से पता चलता है कि ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयोग को 'वन मैन शो' (एक व्यक्ति का शो) बना दिया है। '...ज्ञानेश कुमार ने @ECISVEEP को वन मैन शो में बदल दिया है। SIR प्रक्रिया में भारी खामियों और अव्यवस्था के लिए पूरी तरह से CEC ज़िम्मेदार हैं। सवाल यह है कि किसके आदेश पर ज्ञानेश कुमार बार-बार भारत के करोड़ों नागरिकों को वोट देने के अधिकार से वंचित कर रहे हैं और बिना किसी निगरानी के उनसे वोट का अधिकार छीन रहे हैं?'
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'बिहार और पश्चिम बंगाल में चुनाव धांधली से हुए, नये सिरे से चुनाव कराए जाएं'
राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर निर्वाचन आयोग के भीतर मतभेदों की खबरों के बीच बुधवार को केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि बिहार और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव धांधली से कराए गए तथा दोनों राज्यों में नए सिरे से चुनाव होने चाहिए। पटना में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, 'भाजपा ने बिहार, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की वजह से चुनाव जीते। निर्वाचन आयोग पूरी तरह बेनकाब हो चुका है।'
'आयोग के भीतर कोई मतभेद नहीं था'
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों के दौरान SIR से जुड़े फैसलों पर कम से कम 14 औपचारिक आपत्तियाँ जताई थीं। खबरों के मुताबिक, इन आपत्तियों में वोटर रजिस्ट्रेशन और नाम हटाने, वोटर लिस्ट के सॉफ्टवेयर और रिविज़न के दौरान लिए गए फैसलों के खिलाफ अपीलों से जुड़े मामले शामिल थे। चुनाव आयोग के सूत्रों ने टाइम्स नाउ को बताया कि आयोग के भीतर कोई मतभेद नहीं था। ECI सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा विभिन्न मामलों पर की गई टिप्पणियों पर आयोग ने विचार और जांच की थी।
