Nurses in Uttar Pradesh: 24 करोड़ की आबादी के लिए 1.38 लाख नर्स, कमी दूर के लिए खास उपाय

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 21, 2023, 10:55 AM IST

Nurses in Uttar Pradesh: देश के सबसे बड़े सूबों में से एक यूपी की आबादी करीब 24 करोड़ है। इतनी बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने में नर्सों और दाइयों की अहम भूमिका है। लेकिन आबादी के अनुपात में इनकी कमी है। नर्सों की कमी को दूर करने के लिए यूपी सरकार की तरफ से कुछ खास प्रयास किए जा रहे हैं।

Nurses in Uttar Pradesh: 12 मई को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है। अगर बात भारत की करें तो आंकड़े के मुताबिक ना सिर्फ नर्स की संख्या में कमी है बल्कि उनका विस्तार पूरे देश में एक जैसा नहीं है। इस कमी को दूर करने के लिए भारत सरकार ने अलग अलग राज्यों में 100 से अधिक नर्सिंग कॉलेज खोलने का फैसला किया है। ये सभी नर्सिंग कॉलेज राजकीय मेडिकल कॉलेजों से जुड़े होंगे। यहां पर हम खासतौर पर यूपी में नर्सों की संख्या के साथ साथ उन उपायों का भी जिक्र करेंगे ताकि यूपी में नर्सों की कमी ना हो।उत्तर प्रदेश की 23 करोड़ से अधिक की आबादी के लिए सिर्फ 1.38 लाख नर्स और दाइयां हैं। हांलांकि 27 नर्सिंग कॉलेजों के निर्माण के लिए केंद्रीय बजट में 270 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, लेकिन राज्य को प्रशिक्षण के लिए संकाय की कमी और ऐसे संस्थानों से स्नातक करने वाले छात्रों की गुणवत्ता की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

यूपी में नर्सों की संख्या

उत्तर प्रदेश की 24 करोड़ से अधिक की आबादी के लिए लगभग 1.38 लाख नर्सों और दाइयों के साथ, स्वास्थ्य प्रणाली बीमारों की देखभाल करने के लिए संघर्ष कर रही है। जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन का मानदंड प्रति 1,000 जनसंख्या पर तीन नर्स है, उत्तर प्रदेश में यह सिर्फ 0.6 है।वर्तमान में सरकार द्वारा संचालित 23 नर्सिंग कॉलेज हैं, जिनमें से 17 ने 2021 में ही छात्रों को प्रवेश देना शुरू किया। नर्सिंग डिग्री चार साल का कोर्स है, छह नर्सिंग कॉलेज - लखनऊ में दो और झांसी, कानपुर, मेरठ और इटावा में एक-एक - सालाना 420 स्नातक तैयार करते हैं। इसे 2025 से बढ़ाकर 620 कर दिया जाएगा। लेकिन सभी स्नातक स्वास्थ्य क्षेत्र में नौकरियों की तलाश नहीं करेंगे।

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