नई पेंशन योजना पर छिड़ा सियासी संग्राम, तो क्या ओपीएस लागू करेगी मोदी सरकार? जानें पूरा विवाद

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 2, 2023, 12:52 PM IST

NPS vs OPS: पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के हजारों कर्मचारी दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को इकट्ठा हुए। अब ओपीएस बनाम एनपीएस का विवाद सियासी रंग लेता नजर आ रहा है। कई विपक्षी दलों ने प्रदर्शनकारियों के प्रति अपना समर्थन जताया। आपको पूरा विवाद समझाते हैं।

Political News: साल 2004 में नई पेंशन स्कीम लागू की गई थी, जिसे लेकर कई राज्य सरकारों और केंद्र सरकार के बीच टकराव की स्थिति लगातार बनी हुई है। रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में ओल्ड पेंशन स्कीम की मांग को लेकर लाखों की तादाद में कर्मचारी पेंशन शंखनाद रैली में जुटे थे। कई विपक्षी दलों ने प्रदर्शनकारियों के प्रति अपना समर्थन जताया है। पहले दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने केंद्र से ओपीएस लागू करने का आग्रह किया, अब राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने कहा है कि सामाजिक सुरक्षा व कर्मचारी हित में केंद्र को ओपीएस लागू करनी ही होगा।

NPS vs OPS

पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग को लेकर सियासी उठापटक तेज।

गहलोत बोले, केंद्र को ओपीएस लागू करनी ही होगी

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार को सामाजिक सुरक्षा व कर्मचारी हित में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू करनी ही होगी। गहलोत ने ओपीएस लागू करने की मांग को लेकर रविवार को नई दिल्ली में हुए प्रदर्शन का वीडियो साझा करते हुए सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, 'राजस्थान में मानवीय दृष्टिकोण से सर्वप्रथम ओपीएस लागू किया गया। कैग, मानवाधिकार आयोग और अन्य न्यायिक संस्थाएं एनपीएस (नई पेंशन योजना) पर प्रश्नचिन्ह लगा चुकी हैं।' गहलोत ने यह भी कहा कि विडंबना है कि सेना, नौसेना, वायुसेना में तो ओपीएस है जबकि बीएसएफ, सीआईएसएफ, सीआरपीएफ समेत तमाम अर्द्धसैनिक बलों में एनपीएस है। उन्होंने सवाल किया कि देश की सुरक्षा में संलग्न इकाइयों में ये भेदभाव क्यों?

End of Feed