Political News: साल 2004 में नई पेंशन स्कीम लागू की गई थी, जिसे लेकर कई राज्य सरकारों और केंद्र सरकार के बीच टकराव की स्थिति लगातार बनी हुई है। रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में ओल्ड पेंशन स्कीम की मांग को लेकर लाखों की तादाद में कर्मचारी पेंशन शंखनाद रैली में जुटे थे। कई विपक्षी दलों ने प्रदर्शनकारियों के प्रति अपना समर्थन जताया है। पहले दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने केंद्र से ओपीएस लागू करने का आग्रह किया, अब राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने कहा है कि सामाजिक सुरक्षा व कर्मचारी हित में केंद्र को ओपीएस लागू करनी ही होगा।
पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग को लेकर सियासी उठापटक तेज।
गहलोत बोले, केंद्र को ओपीएस लागू करनी ही होगी
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार को सामाजिक सुरक्षा व कर्मचारी हित में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू करनी ही होगी। गहलोत ने ओपीएस लागू करने की मांग को लेकर रविवार को नई दिल्ली में हुए प्रदर्शन का वीडियो साझा करते हुए सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, 'राजस्थान में मानवीय दृष्टिकोण से सर्वप्रथम ओपीएस लागू किया गया। कैग, मानवाधिकार आयोग और अन्य न्यायिक संस्थाएं एनपीएस (नई पेंशन योजना) पर प्रश्नचिन्ह लगा चुकी हैं।' गहलोत ने यह भी कहा कि विडंबना है कि सेना, नौसेना, वायुसेना में तो ओपीएस है जबकि बीएसएफ, सीआईएसएफ, सीआरपीएफ समेत तमाम अर्द्धसैनिक बलों में एनपीएस है। उन्होंने सवाल किया कि देश की सुरक्षा में संलग्न इकाइयों में ये भेदभाव क्यों?
उन्होंने लिखा, 'सामाजिक सुरक्षा व कर्मचारी हित में केंद्र को ओपीएस लागू करना ही होगा।' गहलोत ने गांधी जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम से इतर मीडिया से बातचीत में यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को राज्य सरकार की योजनाओं को केंद्र में भी लागू करने की गारंटी देनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'हमारी योजनाओं की गारंटी दो, 25 लाख रुपये का बीमा हम भी करेंगे, ओपीएस लागू करने की गारंटी दो, सामाजिक सुरक्षा का अधिकार दो।' मुख्यमंत्री के अनुसार, मोदी को यह भी गारंटी देनी चाहिए कि अगर राज्य में भाजपा की सरकार बनती है तो मौजूदा राज्य सरकार की किसी योजना को बंद नहीं की जाएगी।
केंद्र से दिल्ली सरकार ने OPS लागू करने का किया आग्रह
नयी दिल्ली, एक अक्टूबर (भाषा) दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को लेकर समर्थन जताया और कहा कि उन्होंने केंद्र से इसे दिल्ली सरकार के कर्मचारियों के लिए लागू करने का अनुरोध किया है। पुरानी पेंशन योजना की बहाली के लिए 20 से अधिक राज्यों से केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों द्वारा यहां रामलीला मैदान में व्यापक पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बीच उनकी यह टिप्पणी आई है। केजरीवाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, 'हम ओपीएस को वापस लाने संबंधी सरकारी कर्मचारियों की मांग का पुरजोर समर्थन करते हैं। नई पेंशन योजना (एनपीएस) कर्मचारियों के खिलाफ अन्याय है। हमने पंजाब में ओपीएस लागू की है और दिल्ली सरकार के कर्मचारियों के लिए इसे लागू करने के लिए केंद्र को पत्र लिखा है। कुछ अन्य गैर-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकारों ने भी ओपीएस लागू की है।
रामलीला मैदान में जुटे थे हजारों सरकारी कर्मचारी
रैली में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके कांग्रेस सहयोगियों अरविंदर सिंह लवली, संदीप दीक्षित और उदित राज के अलावा बहुजन समाज पार्टी के सांसद श्याम सिंह यादव तथा किसान नेता राकेश टिकैत भी शामिल हुए। 'पेंशन शंखनाद महारैली' में प्रदर्शनकारियों ने नयी पेंशन योजना का विरोध करते हुए कहा कि वे सेवानिवृत्ति के बाद अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, 'हम ज्वाइंट फोरम फॉर रेस्टोरेशन ऑफ ओल्ड पेंशन स्कीम (जेएफआरओपीएस) और नेशनल ज्वाइंट काउंसिल ऑफ एक्शन (एनजेसीए) के बैनर तले पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग के लिए यह महारैली आयोजित कर रहे हैं।'
क्यो ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करेगी मोदी सरकार?
'कांग्रेस शासित राज्यों ने ओपीएस बहाल कर दिया है', इसका जिक्र करते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अन्य पार्टी नेताओं ने कहा कि जैसे ही केंद्र में उनकी सरकार बनेगी, वह पूरे देश में ओपीएस लागू करेंगे। रैली में जहां टिकैत ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि किसान उनके साथ हैं, वहीं संजय सिंह ने कहा कि उन्होंने हमेशा संसद में पुरानी पेंशन योजना का मुद्दा उठाया है। कांग्रेस ये दावा कर रही है कि केंद्र में सत्ता में आयी तो पहले ही दिन पुरानी पेंशन योजना लागू कर दी जायेगी। ऐसे में ये देखना अहम होगा कि चुनाव से पहले मोदी सरकार ओपीएस लागू करती है या नहीं।
