तिलमिलाएगा चीन! पैंगोंग लेक-LAC तक जा सकेंगे पर्यटक, इन जगहों का उठा सकेंगे लुत्फ

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated May 26, 2023, 04:34 PM IST

Pangong Lake : टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक सूत्रों का कहना है कि पहले चरण में 18,314 फीट की ऊंचाई वाले मारसिमिक ला से त्सोगतसालो तक पर्यटकों को जाने की इजाजत दी जाएगी। यह स्थान लेह से 160 किलोमीटर पूर्व में और रिमदी चू एवं चांग चेन्मो नदियों के संगम पर स्थित है। यहां हरा भरा मैदान है जो इसकी सुंदरता को कई गुना बढ़ा देता है। खास बात यह है कि यहां से थोड़ी ही दूर पर चीन की सीमा शुरू होती है।

Pangong Lake : वह दिन अब दूर नहीं जब आप लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) और पैंगोंग झील (Pangong Lake) तक पर्यटन का लुत्फ उठा पाएंगे। पर्यटक लद्दाख के प्रतिबंधित क्षेत्रों तक फोर व्हील ड्राइव और सुंदर नजारे वाली जगहों की सैर बाइक से करते नजर आएंगे। सरकार पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग लेक (Pangong Lake) के समीप एवं रणनीतिक लिहाज से अहम गश्ती वाले स्थानों तक टूरिस्टों को भेजने की दिशा में काम कर रही है। भारत सरकार के इस कदम से चीन का तिलमिलाना तय है क्योंकि टूरिस्टों के आने से उसका नापाक एजेंडा एवं मंसूबा कमजोर होगा।

pangong lake

एलएसी के समीप प्रतिबंधित जगहों तक अब जा सकेंगे पर्यटक।

इन जगहों पर जा सकेंगे टूरिस्ट

टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक सूत्रों का कहना है कि पहले चरण में 18,314 फीट की ऊंचाई वाले मारसिमिक ला से त्सोगतसालो तक पर्यटकों को जाने की इजाजत दी जाएगी। यह स्थान लेह से 160 किलोमीटर पूर्व में और रिमदी चू एवं चांग चेन्मो नदियों के संगम पर स्थित है। यहां हरा भरा मैदान है जो इसकी सुंदरता को कई गुना बढ़ा देता है। खास बात यह है कि यहां से थोड़ी ही दूर पर चीन की सीमा शुरू होती है। रिपोर्ट के अनुसार दूसरे चरण में पर्यटकों को हॉट स्प्रिंग और इसके बाद त्सोगतसालू से आगे उस जगह तक जाने की इजाजत दी जाएगी जहां पर 21 अक्टूबर 1959 को शहीद हुए सीआरपीएफ के 10 जवानों के सम्मान में स्मारक बना है। यहां चीन के हमले में जवान शहीद हुए थे।

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