हरियाणा का मोस्ट वांटेड गैंगस्टर मैनपाल धिल्ला उर्फ़ मैनपाल बादली को कम्बोडिया से भारत लाया गया है। यह कार्रवाई सीबीआई (CBI), हरियाणा पुलिस, विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के संयुक्त प्रयासों से संभव हो सकी।
मैनपाल बादली पर हत्या, हत्या के प्रयास, अवैध हथियारों के इस्तेमाल और आपराधिक साज़िश जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। साल 2013 में अदालत ने उसे उम्रकैद की सज़ा सुनाई थी। इसके बावजूद वह 2018 में हिसार जेल से परोल पर बाहर आया और वापस जेल नहीं लौटा। इसके बाद वह फरार होकर विदेश चला गया और वहीं से अपना गैंग ऑपरेट करने लगा।
हरियाणा पुलिस ने उस पर 7 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। सीबीआई ने 2024 में इंटरपोल (INTERPOL) के ज़रिए रेड नोटिस जारी कराया था। बाद में उसकी लोकेशन थाईलैंड और फिर कम्बोडिया में ट्रेस हुई। नकली पासपोर्ट पर रह रहे मैनपाल को जुलाई 2025 में कम्बोडिया में गिरफ्तार किया गया और फिर 2 सितंबर 2025 को हरियाणा पुलिस की टीम उसे भारत लेकर आई।
गैंगस्टर मैनपाल की आपराधिक पृष्ठभूमि काफी लंबी है। शुरुआत में वह ट्रैक्टर रिपेयर का काम सीख रहा था, लेकिन साल 2000 में अपने ही चाचा की हत्या के बाद अपराध की दुनिया में उतर गया। जेल में रहते हुए भी उस पर हत्या कराने का आरोप लगा।
हरियाणा पुलिस की सूची में मैनपाल बादली लंबे समय से नंबर-1 मोस्ट वांटेड अपराधी था। उसकी वापसी से पुलिस को उसके गैंग और बाकी अपराधियों पर भी बड़ी कार्रवाई करने का मौका मिलेगा।
