Tejas fighter jet Crash Fake News: एक के बाद एक लगातर पिछले कुछ दिनों से तेजस लड़ाकू विमान के क्रैश होने की खबर आ रही हैं, जो कि झूठी हैं। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने पूरे मामले पर बयान जारी किया है और स्पष्ट किया है कि इंडियन एयरफोर्स का कोई भी तेजस जेट क्रैश नहीं हुआ है। बार-बार यह खबरें आ रहीं थीं कि IAF ने एक और तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) एक्सीडेंट में खो दिया है। साथ ही पिछले कुछ समय में तेजस विमानों के अन्य हादसों की भी रिपोर्ट क्वोट करते हुए इस स्वदेशी फाइटर जेट पर सवाल उठने लगे थे, जिनपर अब कंपनी HAL ने विराम लगा दिया है।
इंडियन एयरफोर्स का कोई भी तेजस लड़ाकू विमान नहीं हुआ क्रैश
HAL ने कहा, 'हमने LCA तेजस से जुड़ी घटना पर हाल की मीडिया रिपोर्ट्स देखीं, जिसपर वह बताना चाहता है कि असल में क्या हुआ है। LCA तेजस के क्रैश होने की कोई खबर नहीं है। जिस घटना की बात हो रही है, वह जमीन पर हुई एक छोटी सी टेक्निकल घटना थी।'
दुनिया के बेस्ट सुरक्षित विमानों में एक है तेजस
कंपनी ने कहा, 'LCA तेजस आज के फाइटर एयरक्राफ्ट की दुनिया में सबसे अच्छे सेफ्टी रिकॉर्ड रखने वाले फाइटर जेट्स में से एक है। एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर के तौर पर, इस मामले का गहराई से एनालिसिस किया जा रहा है और HAL जल्द से जल्द समाधान के लिए इंडियन एयर फोर्स (IAF) के साथ मिलकर काम कर रहा है।'
अब यहां कंपनी ने कहा कि एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर के तौर पर गहराई से जांच चल रही है, लेकिन जो खबर थी वो ये कि जब तेजस के साथ हादसा हुआ तो पायलट सुरक्षित रूप से इजेक्ट हो गया और उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई। हालांकि, एयरक्राफ्ट को बड़ा स्ट्रक्चरल डैमेज हुआ है और IAF ने इसे अनसर्विसेबल घोषित कर दिया है।
हादसे पर क्या फैली थी खबर?
बताया गया था कि यह दुर्घटना एक रूटीन ट्रेनिंग सॉर्टी के बाद लैंडिंग फेज के दौरान हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फाइटर जेट को एक अहम भारतीय एयरबेस पर रनवे के पास पहुंचते समय दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। क्रैश में शामिल तेजस उन 32 सिंगल-सीट लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट में से एक था जो हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा IAF को पहले ही डिलीवर किए जा चुके थे। इस दौरान ये भी खबर थी कि IAF ने एहतियात के तौर पर सभी ऑपरेशनल तेजस एयरक्राफ्ट को ग्राउंड कर दिया है। इस कदम का मकसद रेगुलर फ्लाइट ऑपरेशन फिर से शुरू करने से पहले सुरक्षा पक्का करना, इंस्पेक्शन करना और प्रोटोकॉल का रिव्यू करना है।
फ्लीट को ग्राउंड करने से इंजीनियर सभी एयरक्राफ्ट में संभावित टेक्निकल या स्ट्रक्चरल दिक्कतों का अंदाजा लगा सकते हैं और यह पक्का कर सकते हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। यह फैसला लेटेस्ट क्रैश की जांच जारी रहने तक सावधानी भरा नजरिया दिखाता है।
तेजस LCA क्रैश हिस्ट्री (Tejas LCA Crash History)
हाल ही में जो खबरें थीं उनमें इसे तेजस फाइटर जेट से जुड़ा तीसरा क्रैश बताया गया, जो कि अब फेक साबित हो चुका है। हालांकि, पहले ऐसी घटनाएं हुईं थीं। पहला एक्सीडेंट मार्च 2024 में जैसलमेर के पास हुआ था। एयरक्राफ्ट फायरपावर डेमोंस्ट्रेशन से लौटने के बाद क्रैश हो गया था। पायलट टक्कर से पहले सुरक्षित रूप से बाहर निकलने में कामयाब रहा।
दूसरा क्रैश नवंबर 2025 में दुबई एयरशो में एक एरोबैटिक डिस्प्ले के दौरान हुआ था। इस दुखद एक्सीडेंट में विंग कमांडर नमांश स्याल की मौत हो गई थी। अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू की हुई है, जो अभी भी चल रही है।
