SIR को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, यह वैज्ञानिक है और नया नहीं..' केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने किया साफ

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, 'चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संस्था है। चुनाव आयोग इस पर निर्णय लेता है। इससे डरने की कोई ज़रूरत नहीं है क्योंकि यह तकनीक का उपयोग करके वैज्ञानिक तरीके से किया जा रहा है। अगर किसी को कोई समस्या है, तो वह चुनाव आयोग से संपर्क कर सकता है।'

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बुधवार को चुनाव आयोग द्वारा की जा रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का बचाव करते हुए कहा कि इस तरह की प्रक्रिया अभूतपूर्व नहीं है और पहले भी की जा चुकी है। उनकी यह टिप्पणी विपक्षी दलों द्वारा इस प्रक्रिया के समय और पारदर्शिता को लेकर उठाई गई राजनीतिक आलोचना और चिंताओं के बीच आई है। जोशी ने कहा, 'एसआईआर पहली बार नहीं हो रहा है। यह 2003 में भी हुआ था। यह कई बार हो चुका है।" उन्होंने आगे कहा कि यह प्रक्रिया 'वैज्ञानिक' तरीके से की जा रही है और विपक्ष को इससे "डरना" नहीं चाहिए।

Minister Prahlad Joshi

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी (फाइल फोटो: PTI)

इस बीच, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला ने बिहार और पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के साथ कथित छेड़छाड़ पर चिंता जताई और भारत के चुनाव आयोग से आगामी चुनावों से पहले निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया सुनिश्चित करने का आग्रह किया।केवल आधार कार्ड और अन्य कार्ड जिन्हें पिछली बार मतदान के आधार के रूप में इस्तेमाल किया गया था, उन्हें ही अनुमति दी जानी चाहिए... वोट काटने की प्रथा बंद होनी चाहिए।'

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