NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर एक माह से ज्यादा छात्रों का प्रोटेस्ट जारी है। इस बीच, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अटकलों पर शुक्रवार को सरकारी सूत्रों ने विराम लगा दिया। टाइम्स नाउ के सूत्रों के मुताबिक, धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे। सरकार का मुख्य फोकस परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने पर है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (फोटो साभार: @dpradhanbjp)
पेपर लीक को लेकर सरकार सख्त
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक से निपटने के लिए मौजूदा सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में संशोधन की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित बदलावों का मकसद कानून को और मजबूत करना है, ताकि पेपर लीक और परीक्षा में धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके।
सरकार की योजना महज दोषियों को सजा देने तक सीमित नहीं रहेगी। प्रस्तावित संशोधनों में भविष्य में पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं को रोकने के लिए निवारक उपायों को भी शामिल किए जाने की संभावना है।
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NTA की होगी व्यापक समीक्षा
इसके अतिरिक्त, सरकार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की व्यापक समीक्षा भी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी की कार्यप्रणाली में मौजूद सभी कमियों की पहचान कर उन्हें एक माह के भीतर दूर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब नीट पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर छात्रों का आंदोलन जारी है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विपक्ष लगातार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। विपक्ष ने तो यहां तक कह दिया है कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होगा तब तक संसद को सुचारू ढंग से चलने नहीं देंगे। हालांकि, सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे और सरकार का पूरा ध्यान परीक्षा प्रणाली में सुधार पर है।
