Loksabha election 2024 : 'INDI' ब्लॉक को अलविदा कहने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने बयानों से अब इस गठबंधन के कांग्रेस एवं राजद जैसे दलों की टेंशन बढ़ाने लगे हैं। गत 28 जनवरी को 'इंडी' ब्लॉक छोड़ने के बाद नीतीश ने कहा था कि इस गठबंधन में कुछ काम नहीं हो रहा था लेकिन अब वह इस ब्लॉक के नामकरण पर सवाल उठाया है। साथ ही जातिगत जनगणना पर राहुल गांधी के दावे को उन्होंने गलत बताया। बिहार के सीएम ने कहा कि राज्य में जातिगत जनगणना कराने का फैसला उनका था न कि किसी और का।
नीतीश ने कहा कि वह अब अपनी पुरानी जगह आ गए हैं।
'गठबंधन में कोई काम नहीं हो रहा था'
बिहार विधानसभा सत्र पर अपनी प्रतिक्रिया देते नीतीश ने कहा कि 10 फरवरी से विधानसभा का सत्र बुलाया है। 12 तारीख को बिहार विधान सभा में बजट पेश होगा। 'इंडिया' गठबंधन पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने इस अलायंस को छोड़ दिया। इस गठबंधन में कोई काम नहीं कर रहा था। यह भी तय नहीं हो पा रहा था कौन कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हमने गठबंधन के लिए दूसरे नाम का सुझाव दिया था लेकिन इन लोगों ने 'इंडिया' नाम रख लिया।
नीतीश ने कहा, 'हम कह रहे थे कि यह नाम ठीक नहीं है, अब हालत आप देख सकते हैं। उन लोगों ने एक काम नहीं किया, आज तक सीट शेयरिंग नहीं हुई। हम जिनके साथ पहले से थे वहीं आ गए अब यहीं रहेंगे और बिहार के विकास के लिए काम करेंगे।'
जातिगत जनगणना कराने का फैसला मेरा-नीतीश
नीतीश ने राहुल गांधी के उस बयान पर भी आपत्ति जताई जिसमें उन्होंने कहा था कि बिहार में जातिगत गणना उनके कहने पर नीतीश कुमार ने कराई। जद-यू अध्यक्ष ने कहा कि यह बिल्कुल गलत बात है। वह क्रेडिट ले रहे हैं, जातिगत जनगणना कराने का फैसला पूरी तरह से उनका था।
तेजस्वी का नाम लिए बगैर निशाना साधा
लालू परिवार पर निशाना साधते हुए नीतीश ने कहा कि 2005 से पहले बिहार की हालत क्या थी? घरों से कोई निकलता नहीं था। सड़कों की हालत क्या थी? कहीं कोई पुल-पुलिया नहीं बनता था। तेजस्वी यादव का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि अभी वह बच्चा है अभी उसको क्या पता है।
28 जनवरी को फिर भाजपा के साथ आ गए
टीचर भर्ती पर राजद द्वारा लिए जा रहे क्रेडिट पर नीतीश ने कहा कि शिक्षक भर्ती उनका विजन था। नीतीश ने कहा कि बिहार के विकास के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। करीब डेढ़ साल पहले 8 अगस्त 2022 को नीतीश कुमार भाजपा का साथ जोड़कर राजद एवं जद-यू के साथ मिले और महागठबंधन की सरकार बनाई। 28 जनवरी 2024 को महागठबंधन छोड़कर वह एक बार फिर भाजपा के साथ आ गए। इससे 'इंडी' ब्लॉक को बहुत बड़ा झटका लगा क्योंकि नीतीश ही इस गठबंधन के सूत्रधार थे। इस गठबंधन की पहली बैठक भी नीतीश के नेतृत्व में पटना में हुई थी।
