Social Media पर डीपफेक कंटेंट के खिलाफ गडकरी को राहत, बॉम्बे हाईकोर्ट ने दी केस फाइल करने की इजाजत

इस आदेश से गडकरी बॉम्बे हाई कोर्ट के मूल पक्ष की ओर से एक बड़ा सिविल केस कर सकेंगे। प्रस्तावित केस मेटा और कई दूसरी कंपनियों के खिलाफ फाइल किया जाएगा...

Nitin Gadkari- बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को इंटरनेट पर उनके बारे में कथित तौर पर बदनाम करने वाले और डीपफेक कंटेंट के सर्कुलेशन के खिलाफ सिविल केस फाइल करने की इजाजत दे दी। गडकरी ने लेटर्स पेटेंट के क्लॉज XII के तहत याचिका फाइल की। यह एक प्रोसीजरल जरूरत है जिसका इस्तेमाल तब किया जाता है जब कॉज ऑफ एक्शन का कुछ हिस्सा हाई कोर्ट के क्षेत्रीय अधिकार से बाहर होता है। ऐसी इजाजत कोर्ट को जूरिस्डिक्शन की लिमिटेशन के बावजूद उसके ओरिजिनल सिविल साइड पर केस की सुनवाई में सक्षम करने के लिए जरूरी है।

Nitin Gadkari

नितिन गडकरी

डीपफेक मैटेरियल को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध

यह मामला आज जस्टिस अभय आहूजा के सामने लिस्टेड था जब एडवोकेट संदीप एस लड्डा, गडकरी की ओर से पेश हुए और केस फाइल करने की इजाजत मांगी। उन्होंने तर्क दिया कि डिफेंडेंट्स ने कथित बदनाम करने वाले और डीपफेक मैटेरियल को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराया है, जिसमें मुंबई के यूजर्स भी शामिल हैं, चूंकि यह कंटेंट पहुंच वाला है और बॉम्बे हाई कोर्ट की टेरिटोरियल लिमिट के अंदर देखा जाना है, इसलिए लड्डा ने तर्क दिया कि कॉज ऑफ एक्शन का एक बड़ा हिस्सा मुंबई में पैदा होता है। यह तर्क दिया गया कि इससे हाई कोर्ट को केस सुनने और उस पर फैसला करने का अधिकार मिल जाता है

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