खतरे में भोज वेटलैंड! NGT ने कसा शिकंजा, 3 महीने में अवैध निर्माण होंगे ध्वस्त, लापरवाह अफसरों पर भी कार्रवाई

NGT ने भोपाल के भोज वेटलैंड में अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर सख्ती करते हुए तीन महीने में कब्जे हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही एफटीएल क्षेत्र में निर्माण पर रोक के साथ लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और झील में सीवेज-कचरा रोकने का आदेश दिया गया है।

भोपाल के ऐतिहासिक और जीवनदायिनी भोज वेटलैंड (अपर एवं लोअर लेक) की सुरक्षा को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT), सेंट्रल जोन बेंच, भोपाल ने एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक आदेश जारी किया है। याचिकाकर्ता राशिद नूर खान की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति शिव कुमार सिंह और विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी की पीठ ने राज्य सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।

खतरे में भोज वेटलैंड!

खतरे में भोज वेटलैंड! (फोटो- wikipedia)

अधिकरण ने साफ कहा कि भोपाल के लाखों नागरिकों के पेयजल का आधार यह अंतरराष्ट्रीय महत्व का रामसर स्थल अपने इतिहास के सबसे बड़े संकट से गुजर रहा है। सुप्रीम कोर्ट के पुराने निर्देशों की अवहेलना पर नाराजगी जताते हुए एनजीटी ने सख्त लहजे में कहा कि अवैध निर्माणों और अतिक्रमण से अब सख्ती से निपटा जाएगा।

End of Feed