कितना शुद्ध मिलेगा महाकुंभ में श्रद्धालुओं को पानी, गंगा में गिरने वाले नालों का क्या होगा? NGT ने योगी सरकार से मांगा जवाब

Mahakumbh Mela 2025 : प्रयागराज में साल 2025 में आयोजित होने वाले महाकुंभ से पहले एनजीटी ने गंगा सफाई को लेकर योगी सरकार से सवाल पूछा है। एनजीटी ने सरकार से कहा है कि महाकुंभ के दौरान गंगा पानी में गिरने वाले गंदे नालों को बंद करने के क्या प्रबंध किए गए हैं?

KEY HIGHLIGHTS
मुख्य बातें
  • प्रयागराज महाकुंभ को लेकर एनजीटी ने योगी सरकार से मांगी रिपोर्ट
  • गंगा-यमुना में गिरने वाले नालों के संबध में मांगा जवाब
  • NGT ने कहा-सुनिश्चित करें कि कुंभ मेले से पूर्व गंगा-यमुना में कम से कम अपशिष्ट प्रवाहित हों

Mahakumbh Mela 2025 : राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने उत्तर प्रदेश सरकार को कुंभ मेले से पहले प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों में कम से कम अपशिष्ट प्रवाह निश्चित करने के लिए ‘प्रभावी एवं त्वरित कदम’ उठाने तथा समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है। उसने संबंधित प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि नदियों की जल गुणवत्ता पेयजल गुणवत्ता स्तर पर बनाकर रखी जाए और नहाने के घाटों पर तीर्थयात्रियों के लिए उनकी उपयुक्तता प्रदर्शित की जाए। अधिकरण दोनों नदियों में अपशिष्ट प्रवाहित के दावों के बीच प्रयागराज में कुंभ मेले के दौरान स्वच्छ पानी की उपलब्धता के मामले की सुनवाई कर रहा था।

MahaKumbh Mela 2025

महाकुंभ मेला

गंगा-यमुना में गिरने वाले नालों पर मांगी रिपोर्ट

राष्ट्रीय हरित अधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की पीठ ने कहा कि एक पिछली समिति ने गंगा और यमुना में सीधे मिलने वाले नालों (ऐसे नाले जिन्हें अपशिष्ट शोधन संयंत्रों से नहीं जोड़ा गया है), अपशिष्ट शोधन संयंत्रों (एसटीपी) और उनकी उपयोग क्षमता, सीवेज नेटवर्क और शोधन में अंतर के बारे में एक रिपोर्ट दाखिल की थी।

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