'एक्सप्रेसवे खतरे का गलियारा न बनें'; सड़क सुरक्षा पर देशभर के लिए सुप्रीम कोर्ट ने जारी किए निर्देश, जानें क्या बदलेगा

देश भर के एक्सप्रेसवे और नेशनल हाइवे को सुरक्षित बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने नए निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही शीर्ष कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी भी की है। अदालत ने कहा कि अवैध रूप से वाहन खड़ा करना या दुर्घटना संभावित स्थलों जैसे टाले जा सकने वाले खतरों के कारण एक भी व्यक्ति की जान जाना, नागरिकों की रक्षा करने में राज्य की विफलता को दर्शाता है।

सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में सड़क सुरक्षा मजबूत करने के लिए कई निर्देश जारी किए हैं। साथ ही कहा कि प्रशासनिक सुस्ती या बुनियादी ढांचे की कमियों के कारण एक्सप्रेसवे खतरे का गलियारा नहीं बनने चाहिए। न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ए.एस. चंदुरकर की पीठ ने कहा कि देश की सड़कों की कुल लंबाई का केवल दो प्रतिशत राष्ट्रीय राजमार्ग हैं लेकिन सड़क हादसों में होने वाली मौत की कुल संख्या में इनकी हिस्सेदारी करीब 30 प्रतिशत है।

एक्सप्रेसवे

एक्सप्रेसवे

इस दौरान पीठ ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय,भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को सड़कें अधिक सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए। पीठ ने कहा कि अवैध रूप से वाहन खड़ा करना या दुर्घटना संभावित स्थलों जैसे टाले जा सकने वाले खतरों के कारण एक भी व्यक्ति की जान जाना, नागरिकों की रक्षा करने में राज्य की विफलता को दर्शाता है।

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