भारी बारिश या मौसमी तबाही? वायनाड त्रासदी के बाद अब ज्यादा सटीक पूर्वानुमान मिलने की उम्मीद; मंगलुरु में नया रडार स्थापित

Wayanad Tragedy: केरल में वायनाड जिले के मुंडक्कई-चूरलमाला में पिछले साल हुए भूस्खलन की भयावह यादें लोगों के मन में अभी भी ताजा हैं, ऐसे में भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अधिक सटीक मौसम पूर्वानुमान की अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं। आईएमडी की क्षेत्रीय निदेशक नीता के. गोपाल ने कहा कि नया रडार हमें अधिक सटीक और स्थानीय मौसम चेतावनियां देने में मदद करेगा।

Wayanad Tragedy: केरल में वायनाड जिले के मुंडक्कई-चूरलमाला में पिछले साल हुए भूस्खलन की भयावह यादें लोगों के मन में अभी भी ताजा हैं, ऐसे में भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अधिक सटीक मौसम पूर्वानुमान की अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं। मंगलुरु में हाल ही में नया रडार स्थापित किया गया है जिससे क्षेत्रीय स्तर पर अधिक सटीकता से मौसम पूर्वानुमान लगाए जाने की उम्मीद है।

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मंगलुरु में नया मौसमी रडार स्थापित (फाइल फोटो)

'ज्यादा सटीक चेतावनियां देने में मदद करेगा नया रडार'

आईएमडी की क्षेत्रीय निदेशक नीता के. गोपाल ने 'पीटीआई वीडियो' को बताया कि अब तक जो प्रणाली थी, वह जिले स्तर पर मौसम की जानकारी देती थी, लेकिन अब विभाग मौजूदा 'नाउकास्ट' प्रणाली के तहत अधिक स्थानीय स्तर पर मौसम के बारे में चेतावनी जारी कर पाएगा। गोपाल ने कहा, ''नया रडार हमें अधिक सटीक और स्थानीय मौसम चेतावनियां देने में मदद करेगा, इससे केवल सबसे अधिक प्रभावित होने वाले क्षेत्र के लिए अलर्ट जारी किया जा सकेगा।''

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