MEA on Nepal Situation: नेपाल में हालात खराब हैं। तमाम मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है, लेकिन भीड़ दूसरे दिन भी सड़कों पर उतरी हुई है। एक दिन पहले ही देश ने सोशल मीडिया पर प्रतिबंध हटा लिया था, लेकिन प्रदर्शनकारी मंगलवार सुबह फिर से सड़कों पर उतर आए। इस बीच भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने नेपाल में भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
नेपाल के काठमांडू में संसद भवन के बाहर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प। (Photo- PTI)
बीते दिन प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी, जिसमें स्थानीय मीडिया के अनुसार कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई थी। प्रदर्शनकारी सरकार के तानाशाही रवैये के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और उनका कहना है कि वे तब तक नहीं रुकेंगे जब तक प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली इस्तीफा नहीं दे देते।
MEA ने क्या कहा?
वहीं, भारतीय विदेश मंत्रालय ने नेपाल में भारतीयों को सतर्क रहने को कहा है। सलाह जारी करते हुए MEA ने कहा कि भारतीय नेपाल सरकार के आदेशों का पालन करें। विदेश मंत्रालय ने कहा, 'हम कल से नेपाल में हो रहे घटनाक्रम पर कड़ी नजर रख रहे हैं और कई युवाओं की जान जाने से बेहद दुखी हैं। हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं मृतकों के परिवारों के साथ हैं। हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना करते हैं। एक घनिष्ठ मित्र और पड़ोसी होने के नाते, हम आशा करते हैं कि सभी संबंधित पक्ष संयम बरतेंगे और शांतिपूर्ण तरीकों और बातचीत के जरिए किसी भी मुद्दे का समाधान करेंगे। हमने यह भी संज्ञान लिया है कि अधिकारियों ने काठमांडू और नेपाल के कई अन्य शहरों में कर्फ्यू लगा दिया है। नेपाल में भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे सावधानी बरतें और नेपाली अधिकारियों द्वारा जारी किए गए कदमों और दिशानिर्देशों का पालन करें।'
क्यों हो रहा नेपाल में बवाल?
नेपाल की ओली सरकार ने सोशल मीडिया पर बैन लगा दिया था। नेपाल सरकार ने फेसबुक और 'X' समेत 26 सोशल मीडिया साइटों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था। इसके विरोध में Gen Z लोग सड़कों पर उतर गए और हालात बेहद खराब हो गए। अब जहां इस फैसले को सरकार ने वापस ले लिया है। हालांकि, प्रदर्शन जारी है।
